जयपुर/पाली। राजस्थान विधानसभा के शीतकालीन पंचम सत्र में पाली विधानसभा क्षेत्र की जनता से जुड़े लंबे समय से लंबित और ज्वलंत मुद्दों को लेकर पाली विधायक भीमराज भाटी ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों को बिना रिश्वत दिए किश्त तक जारी नहीं हो रही है। कई पात्र लाभार्थियों की किश्त रोक दी जाती है, जिससे गरीबों को राहत नहीं मिल पा रही है। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
विधायक भाटी ने कहा कि पिछली बजट घोषणा में उनके विधानसभा क्षेत्र के लिए बजट मिलने पर उन्होंने विपक्ष में रहते हुए भी मुख्यमंत्री को सैल्यूट किया था, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। अब उन्हें अपने उस फैसले पर पश्चाताप हो रहा है।
सदन में उठाए ये प्रमुख मुद्दे
विधायक भाटी ने पाली क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दे विधानसभा में रखे—
जवाई बांध के जीर्णोद्वार के लिए बजट 2023-24 में 2280 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन अब तक न तो प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार हुई और न ही काम शुरू हुआ।
पाली के सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्वार के लिए बजट मंजूर है, छह बार टेंडर हो चुके हैं, फिर भी काम शुरू नहीं हुआ।
पाली सरस डेयरी में मिल्क पाउडर प्लांट लगाने के लिए 95 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए, लेकिन अब तक कोई प्रगति नहीं हुई।
पाली शहर के सुमेरपुर रोड पर बांडी नदी की पुलिया जर्जर हालत में है। बजट घोषणा के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ।
नरेगा में मेटों का पांच से छह महीने से भुगतान नहीं हुआ है। रोहट क्षेत्र में सिर्फ देवाण गांव के 190 लोगों को ही रोजगार मिल पा रहा है।
रोहट क्षेत्र में सर्दी के मौसम में भी पेयजल संकट बना हुआ है। गर्मियों में हालात और बिगड़ने की आशंका है। जलदाय विभाग के AEN के व्यवहार पर भी विधायक ने सवाल उठाए।
पाली के बांगड़ अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी है। सीटी स्कैन मशीन सिर्फ एक घंटे ही चलाई जा रही है, जिससे गंभीर मरीजों को अब भी रेफर करना पड़ रहा है।
पाली नगर निगम से पट्टे जारी नहीं हो रहे हैं। लोग महीनों से चक्कर काट रहे हैं। बजट की कमी के चलते शहर का विकास कार्य ठप पड़ा है।
विधानसभा में पाली जिले से जुड़े इन मुद्दों पर हुई चर्चा के बाद अब नजरें सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।


