डेंडा।भामाशाहों की परंपरा हमेशा से भारतीय संस्कृति की पहचान रही है, जहाँ दान केवल वस्तुओं का नहीं बल्कि संवेदनाओं, उम्मीदों और भविष्य का होता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए भामाशाह सुश्री अवनि मेहता एवं उनके ग्रुप सदस्यों द्वारा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय डेंडा के समस्त छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग, पानी की बोतलें, जूते, मौजे, कॉपियाँ, चित्रकला पुस्तकें एवं अन्य स्टेशनरी सामग्री का वितरण किया गया।

स्कूल खुलने से पहले ही बच्चों को नई शैक्षणिक सामग्री मिलने पर उनके चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। नन्हे-मुन्ने बच्चों की मुस्कान किसी उत्सव से कम नहीं थी। बच्चों के चेहरे पर आई खुशी यह दर्शा रही थी कि छोटी-सी मदद भी किसी के जीवन में बड़ी उम्मीद बन सकती है।
इस अवसर को यादगार बनाने के लिए विद्यालय परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में सामूहिक नृत्य, एकल नृत्य एवं नाट्य प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। बच्चों की प्रतिभा और उत्साह ने वातावरण को आनंदमय बना दिया और तालियों की गूंज से पूरा विद्यालय परिसर जीवंत हो उठा।
विद्यालय के संस्था प्रधान श्री अय्युब खान ने भामाशाह सुश्री अवनि मेहता एवं उनके समूह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सहयोग से बच्चों को न केवल शैक्षणिक सुविधा मिलती है, बल्कि उनमें पढ़ाई के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
कार्यक्रम में विद्यालय स्टाफ श्री ईश्वर सिंह चौहान, श्री लक्ष्मण जी, मंजुला भटनागर, राजश्री राठौड़ एवं आनंद सिंह जी की उपस्थिति रही, जिनकी मौजूदगी से कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई।

इस तरह के प्रेरणादायक कार्य समाज को यह संदेश देते हैं कि यदि हम सब मिलकर शिक्षा का हाथ थाम लें, तो हर बच्चे का भविष्य उज्ज्वल हो सकता है। भामाशाहों की यह पहल साबित करती है कि बदलाव बड़े कदमों से नहीं, बल्कि नेक इरादों से आता है।


