पाली। राजस्थान हाईकोर्ट के जज कुलदीप माथुर ने शनिवार को पाली जिला एवं सेशन कोर्ट परिसर में नवनिर्मित ई-सेवा केंद्र, शहरी आरोग्य मंदिर (डिस्पेंसरी), पाली कचहरी उप डाकघर तथा स्कैनिंग व डिजिटाइजेशन सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने जिला बार एसोसिएशन की नवगठित कार्यकारिणी को शपथ भी दिलाई।

उद्घाटन समारोह में हाईकोर्ट जज मुकेश राजपुरोहित एवं जिला एवं सेशन जज राजेन्द्र कुमार भी विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद अतिथियों ने कोर्ट परिसर का निरीक्षण किया और न्यायिक अधिकारियों से संवाद किया।
नई सुविधाओं से बदलेगा कोर्ट का स्वरूप…
बार एसोसिएशन अध्यक्ष पीएम जोशी ने बताया कि जिला जज के प्रयासों से कोर्ट परिसर में वकीलों और आम पक्षकारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उप डाकघर की स्थापना की गई है, जहां बचत खाता सहित डाक से जुड़ी सभी सेवाएं मिलेंगी। वहीं आपात चिकित्सा सहायता के लिए आरोग्य क्लिनिक शुरू किया गया है।

इसके अलावा ई-सेवा केंद्र में डिजिटल सेवाओं की जानकारी, व्हीलचेयर सुविधा तथा गवाहों व पक्षकारों को मार्गदर्शन देने के लिए स्वागत कक्ष की व्यवस्था की गई है। स्कैनिंग व डिजिटाइजेशन सेंटर से कोर्ट रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जाएगा, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और तेज होगी।

बार एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी ने संभाला कार्यभार…
इस मौके पर जज कुलदीप माथुर ने बार एसोसिएशन पाली की नई कार्यकारिणी को शपथ दिलाई। अध्यक्ष पीएम जोशी के साथ उपाध्यक्ष जबरसिंह हाथलाई, सचिव मुकुल सोनी, सहसचिव कुन्दन चौहान, कोषाध्यक्ष विक्रम सिंह भेसाणा, युवा प्रतिनिधि सद्दाम काजी, पुस्तकालय सचिव हेमाराम परिहार सहित सभी सदस्यों ने पदभार ग्रहण किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा समारोह…
समारोह को एडी डागा पब्लिक स्कूल और फादर्स चिल्ड्रन स्कूल के विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने और भी रंगीन बना दिया। छात्रों ने स्वागत गीत, देशभक्ति और लोकगीतों पर शानदार प्रदर्शन कर सभी का मन मोह लिया।

गणमान्य रहे उपस्थित..
कार्यक्रम में जोधपुर एडवोकेट एसोसिएशन अध्यक्ष रणजीत जोशी, जोधपुर लॉयर्स एसोसिएशन अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ वकील, न्यायिक अधिकारी और बार सदस्य मौजूद रहे।
कोर्ट परिसर में शुरू हुई ये नई सुविधाएं न केवल वकीलों बल्कि आम नागरिकों के लिए भी बड़ी राहत साबित होंगी और न्यायिक व्यवस्था को अधिक आधुनिक व सुगम बनाएंगी।

