पाली। मंडिया रोड स्थित ट्रीटमेंट प्लांट संख्या 1-2 के पास रंगीन पानी बहता देख रविवार को रिटायर्ड जस्टिस संगीत लोढ़ा ने कड़ी नाराजगी जताई। क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे लोढ़ा ने बांडी नदी की बिगड़ती हालत पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला कलेक्टर एलएन मंत्री, प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी अमित सोनी और रीको प्रबंधक डीके झा से सीधे सवाल करते हुए कहा कि पाली में प्रदूषण की स्थिति में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है।
उन्होंने सख्त लहजे में पूछा कि “आखिर आप लोग क्या काम कर रहे हैं? प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?”
लोढ़ा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो भविष्य में फैक्ट्रियां चलाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को 4 दिन का समय देते हुए कहा कि वे फिर से आकर स्थिति की समीक्षा करेंगे। इसके बाद वे पूरा निरीक्षण किए बिना ही जोधपुर लौट गए। इस दौरान उन्होंने एसपी मोनिका सैन से भी फोन पर बात कर आवश्यक निर्देश दिए।
फटकार का असर: 3 फैक्ट्रियों पर कार्रवाई..
रिटायर्ड जस्टिस की सख्ती का असर उसी दिन शाम को देखने को मिला। प्रशासन ने शहर के भीतरी क्षेत्र में संचालित तीन फैक्ट्रियों को सीज कर दिया। एसडीएम विमलेन्द्र सिंह राणावत के अनुसार महावीर उद्योग नगर में दो और मोची कॉलोनी की एक टेक्सटाइल पर कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान जिला कलेक्टर एलएन मंत्री, प्रदूषण नियंत्रण मंडल के आरओ अमित सोनी, नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज, सीओ सिटी मदनसिंह चौहान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मौके पर भारी पुलिस जाप्ता भी तैनात किया गया।
बांडी नदी पर बढ़ती चिंता..
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर बांडी नदी में बढ़ते प्रदूषण और औद्योगिक लापरवाही को उजागर कर दिया है। अब देखना होगा कि 4 दिन बाद होने वाली समीक्षा में स्थिति में कितना सुधार नजर आता है।


