पाली। कोर्ट के आदेश की अवहेलना करना नगर निगम प्रशासन को भारी पड़ गया। गुरुवार को जिला न्यायालय के निर्देश पर पाली नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज का कार्यालय सील कर दिया गया, वहीं उनकी सरकारी गाड़ी भी जब्त कर न्यायालय की अभिरक्षा में रखी गई। अब आयुक्त को 11 मई को कोर्ट में पेश होना होगा। तब तक उनका कार्यालय सील ही रहेगा और वे लेखाधिकारी के कार्यालय में बैठकर काम करेंगे।

मामला एक प्लॉट के पट्टे से जुड़ा है। परिवादी विनोद तेजी, निवासी अशरफी रजा कॉलोनी (सोजत रोड, नया गांव पाली) ने अपने प्लॉट नंबर 615 का पट्टा जारी कराने के लिए नगर निगम में आवेदन किया था। लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने वर्ष 2022 में जिला न्यायालय पाली में वाद दायर किया।
मामले की सुनवाई के बाद जिला न्यायाधीश राजेंद्र कुमार ने 6 सितंबर 2025 को निगम को एक माह के भीतर पट्टा जारी करने का आदेश दिया था। इसके बावजूद आदेश की पालना नहीं की गई। बाद में 5 मई 2026 को कोर्ट ने दोबारा 7 मई तक पट्टा जारी करने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि आदेश की अवहेलना पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निर्धारित समय तक भी पट्टा जारी नहीं होने पर परिवादी ने 7 मई को न्यायालय में इजराय (Execution) पेश कर निगम की संपत्ति कुर्क करने की मांग की। इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए निगम आयुक्त के कार्यालय, फर्नीचर (कुर्सी-टेबल), एसी और सरकारी वाहन कुर्क करने के आदेश जारी कर दिए।

कोर्ट के आदेश पर सेल अमीन रवि गहलोत न्यायिक कर्मचारियों के साथ दोपहर करीब 2 बजे नगर निगम कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई करते हुए आयुक्त का ऑफिस सील कर दिया। साथ ही वाहन को जब्त कर न्यायालय की निगरानी में रखा गया।
सीनियर एडवोकेट अशोक अरोड़ा ने बताया कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश की अवहेलना के चलते की गई है और अब अगली सुनवाई 11 मई को होगी, जिसमें आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।

