सोजत। मेहंदी नगरी और धार्मिक नगरी के रूप में प्रसिद्ध सोजत को अब भामाशाहों और समाजसेवियों की नगरी कहना भी अतिशयोक्ति नहीं होगी। इसका जीवंत उदाहरण शुक्रवार को उस समय देखने को मिला, जब शहर की प्रतिष्ठित समाजसेवी संस्था रोशनी फाउंडेशन की एक अपील पर महज तीन घंटे में राजकीय अस्पताल के लिए आवश्यक 25 स्टील बेंच की व्यवस्था हो गई।
राजकीय अस्पताल के नए ट्रॉमा सेंटर, नए गायनिक वार्ड एवं नई लैब में मरीजों और उनके परिजनों के बैठने के लिए 25 स्टील बेंच की आवश्यकता महसूस की गई। इसकी जानकारी मिलते ही रोशनी फाउंडेशन ने सोशल मीडिया के माध्यम से शहरवासियों और दानदाताओं से सहयोग की अपील की।
अपील देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और शहर के भामाशाहों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। किसी ने एक, किसी ने दो तो किसी ने पांच स्टील बेंच देने की घोषणा कर दी। परिणामस्वरूप मात्र तीन घंटे के भीतर सभी 25 स्टील बेंच की व्यवस्था सुनिश्चित हो गई।
रोशनी फाउंडेशन के अशोक बारठ ने बताया कि सोशल मीडिया पर अपील जारी होते ही लगातार सहयोग के संदेश आने लगे। लोगों ने अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार बेंच देने की घोषणा की और कुछ ही घंटों में पूरी आवश्यकता पूरी हो गई।
उन्होंने कहा कि सोजत की सेवा भावना और दानशीलता एक बार फिर पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बनी है। अशोक बारठ ने सभी दानदाताओं, शहरवासियों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए उनके प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
यह पहल एक बार फिर साबित करती है कि जब समाज सेवा का संकल्प और जनसहयोग साथ हो, तो हर जरूरत का समाधान बेहद कम समय में संभव हो जाता है।

