पाली। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के अनुमोदन के उपरांत जिला कांग्रेस कमेटी – पाली की नई जिला कार्यकारिणी की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। हालांकि, कार्यकारिणी की सूची सामने आते ही संगठन के भीतर अंदरूनी कलह और असंतोष खुलकर सामने आ गया है।
कार्यकारिणी में किसे क्या मिली जिम्मेदारी?
घोषित सूची के अनुसार प्रमुख पदों पर निम्नलिखित नियुक्तियां की गई हैं:
जिलाध्यक्ष: शिशुपाल सिंह निम्बाड़ा
संगठन महासचिव: जोगाराम सोलंकी
कोषाध्यक्ष:महावीर कटारिया
उपाध्यक्ष (10): रतनलाल जणवा, करण सिंह मेड़तिया, भंवर राव, महबूब भाई (टी), जय नारायण सीपा, नीलम बिड़ला, गुलाब सिंह गिरवर, गिरधारी सिंह राजपुरोहित, जयदेव सिंह राणावत एवं हितेश सिरोया।

महासचिव (15): श्याम जोशी, सुरबाला काला, अनिल भाटी, मंगला राम सीरवी, अमरा राम बेनीवाल, भगाराम पटेल, जफर सिलावट, भोमा राम मीना, गोरधन लाल प्रजापत, कालूराम बिश्नोई, मनोहर सिंह राजपुरोहित, प्रवीण सिंह जेठावत, सुरेश देवासी, शंभु राम मीना एवं आमीन अली रंगरेज़।
सचिव (20): मीठा लाल बंजारा, नासिर खान, केसाराम गरासिया, भूण्डाराम देवासी, प्रकाश चौधरी, बाबू सिंह रावत, प्रमोद पाल सिंह मेघवाल, सुनीता कंवर गोयल, मान सिंह, सरीफ खान राजा, निर्मल तेजी, अनुराग मीना, राजा राम देवासी, शंकर लाल देवासी, सुरेश परमार, ममता चौहान, प्रहलाद कुमार कंडारा, ललित बामनिया, ताराराम सीरवी एवं बी.एल. मेघवाल।
प्रवक्ता: ताराचन्द चन्दनानी एवं मांगूसिंह दुदावत।
सोशल मीडिया प्रभारी: चन्द्रपाल सिंह एवं कैलाश गोयल।
युवाओं और नए चेहरों की उपेक्षा का आरोप
कार्यकारिणी जारी होते ही बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संगठन में बार-बार उन्हीं चेहरों को मौका दिया जा रहा है जो पूर्व में भी पदों पर रह चुके हैं। वहीं दूसरी ओर, पार्टी के सभी कार्यक्रमों में धरातल पर दिन-रात मेहनत करने वाले समर्पित और नए युवा कार्यकर्ताओं को पूरी तरह नज़र अंदाज़ कर दिया गया है।
गुर्जर और मुस्लिम समाज में भारी रोष
कार्यकारिणी में जातीय संतुलन को लेकर भी बड़ा विवाद खड़ा हो गया है:
1. गुर्जर समाज का शून्य प्रतिनिधित्व: जिला कार्यकारिणी में गुर्जर समाज के किसी भी कांग्रेस नेता को जगह न मिलने पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता भेराराम गुर्जर ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस उपेक्षा को लेकर वे शीघ्र ही पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट से मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे।
2. मुस्लिम समाज की कम भागीदारी: मुस्लिम समाज ने भी मुस्लिम समुदाय को कार्यकारिणी में पर्याप्त प्रतिनिधित्व न दिए जाने पर विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की इस तरह अनदेखी करना संगठन के हित में नहीं है।
कार्यकारिणी की घोषणा के साथ ही उपजे इस असंतोष ने पाली कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान को एक बार फिर सतह पर ला दिया है। देखना यह होगा कि आलाकमान इस नाराजगी को शांत करने के लिए क्या कदम उठाता है।


