पाली/जय नगर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं परीक्षा के परिणाम घोषित होते ही जय नगर में जश्न का माहौल छा गया। यहाँ स्थित **वन्दे मातरम् सीनियर सेकेंडरी स्कूल** की छात्रा **इकरा बानो** ने 97.50% अंक हासिल कर अपनी सफलता का परचम लहराया है। इकरा की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी सुख-सुविधा की मोहताज नहीं होती।

संघर्ष से सफलता तक का सफर
इकरा के पिता एक लोडिंग टैक्सी ड्राइवर हैं और माता निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। आर्थिक चुनौतियां होने के बावजूद, पिता का एक ही संकल्प था— *”दो रोटी कम खा लेंगे, लेकिन बच्चियों को जरूर पढ़ाएंगे।”* अपनी तीन बहनों में सबसे बड़ी इकरा ने आज उस संकल्प को हकीकत में बदल दिया है।
सफलता का श्रेय
इकरा ने अपनी जीत का श्रेय स्कूल के संचालक **राजेन्द्र सिंह भाटी** और अपने शिक्षकों को दिया है। उन्होंने बताया कि स्कूल में उन्हें बेटी जैसा स्नेह और मार्गदर्शन मिला, जिसने उनके आत्मविश्वास को कभी कम नहीं होने दिया।
“मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।”
इकरा की यह सफलता उन सभी परिवारों के लिए एक मिसाल है जो बेटियों को बोझ समझते हैं। आज इकरा ने यह सिद्ध कर दिया है कि बेटियाँ परिवार और समाज का सबसे बड़ा गौरव होती हैं।


