आर्थिक एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्ग की छात्राओं के लिए सुनहरा अवसर, 31 अगस्त तक कर सकेंगी आवेदन।
सोजत/पाली। आर्थिक एवं सामाजिक रूप से वंचित समुदाय की छात्राओं को उच्च शिक्षा जारी रखने में आर्थिक सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन द्वारा अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप 2026-27 शुरू की गई है। इस योजना के तहत पात्र छात्राओं को स्नातक अथवा डिप्लोमा शिक्षा के दौरान ₹30,000 प्रति वर्ष की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
यह छात्रवृत्ति मेरिट के आधार पर नहीं, बल्कि निर्धारित पात्रता एवं अन्य मानदंडों के आधार पर प्रदान की जाएगी। वर्ष 2024-25 में राजस्थान की 5,214 छात्राओं तथा वर्ष 2025-26 में 22,714 छात्राओं को इस छात्रवृत्ति का लाभ दिया गया है।
कौन कर सकता है आवेदन?
शैक्षणिक सत्र 2026-27 में आवेदन करने वाली छात्रा के लिए आवश्यक है कि उसने 10वीं और 12वीं कक्षा स्थानीय सरकारी विद्यालय अथवा सरकारी कॉलेज से नियमित विद्यार्थी के रूप में उत्तीर्ण की हो। पत्राचार या डिस्टेंस मोड से पढ़ाई करने वाली छात्राएं पात्र नहीं होंगी।
इसके साथ ही छात्रा ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में भारत के किसी भी राज्य अथवा केंद्र शासित प्रदेश के सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी कॉलेज/विश्वविद्यालय में 2 से 5 वर्ष की अवधि वाले मान्यता प्राप्त स्नातक अथवा डिप्लोमा पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में नियमित प्रवेश लिया हो।
इस छात्रवृत्ति के लिए कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
दो चरणों में होंगे आवेदन
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्रवृत्ति आवेदन दो चरणों में स्वीकार किए जाएंगे—
– प्रथम चरण: 10 अगस्त 2026 से 31 अगस्त 2026 तक
– द्वितीय चरण: 10 जनवरी 2027 से 31 जनवरी 2027 तक
ऐसे में पात्र छात्राएं प्रथम चरण में 31 अगस्त 2026 तक आवेदन कर इस योजना का लाभ लेने के लिए अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं।
आवेदन के लिए कोई शुल्क नहीं
अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आवेदन प्रक्रिया के किसी भी चरण में किसी प्रकार का शुल्क या फीस नहीं ली जाती है। छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे किसी व्यक्ति, एजेंट या बिचौलिए को कोई भुगतान न करें और छात्रवृत्ति के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से सावधान रहें।
यह पहल छात्राओं को आर्थिक बाधाओं के बावजूद उच्च शिक्षा जारी रखने, उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ाने और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


