जोधपुर/लद्दाख। साहस और जुनून की मिसाल बने जोधपुर के जुड़वां भाई तपन देव सिंह और तरुण देव सिंह, जिन्हें पर्वतारोहण जगत में “ट्विनअल्पिनिस्ट” के नाम से पहचाना जाता है, ने एक बार फिर अद्भुत उपलब्धि हासिल की है।

इस वर्ष उन्होंने लद्दाख में स्तार्त्सपुक त्सो झील और पोलोगोंका ला पास क्षेत्र की तीन ऊँची चोटियों — पॉइंट 6012 मीटर, पॉइंट 6205 मीटर और पॉइंट 6060 मीटर — को सफलतापूर्वक फतह किया।
15 अगस्त, आज़ादी के अमृत महोत्सव के मौके पर, दोनों भाइयों ने पॉइंट 6012 पर चढ़ाई शुरू की। 5900 मीटर की ऊँचाई पर मौसम अचानक बिगड़ गया, घना कोहरा और बर्फबारी ने कठिनाई बढ़ाई, लेकिन सात घंटे की कठिन चढ़ाई के बाद उन्होंने शिखर पर तिरंगा लहराया।
इसके बाद 19 अगस्त को उन्होंने चोमो-चौंकर झील क्षेत्र से चढ़ाई कर पॉइंट 6205 पर विजय प्राप्त की और केवल दो घंटे बाद पॉइंट 6060 को भी फतह कर लिया। इस दौरान उन्होंने कुल 15 घंटे 30 मिनट का ट्रेकिंग समय तय किया और अंततः बेस कैंप लौटे।
हालाँकि यह अभियान अल्पाइन शैली में अक्टूबर तक जारी रहना था, लेकिन उत्तर भारत में बिगड़ते मौसम और सरकार की ओर से पर्वतारोहण अभियानों पर रोक के चलते उन्हें बीच में ही अभियान स्थगित करना पड़ा।
अब ट्विनअल्पिनिस्ट अपनी अगली बड़ी चुनौती माउंट एवरेस्ट अभियान 2025 की तैयारी में जुटे हैं और इसके लिए वे प्रायोजकों (Sponsors) की तलाश कर रहे हैं।
तपन-तरुण की यह उपलब्धि न केवल जोधपुर बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।


