पाली।न्यू ईयर सेलिब्रेशन को लेकर पाली जिले के जवाई लेपर्ड कंजर्वेशन एरिया में पर्यटन अपने चरम पर है। खुले में पहाड़ियों पर घूमते लेपर्ड को देखने के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में सैलानी जवाई पहुंच रहे हैं। हालात यह हैं कि रोजाना सुबह और शाम की सफारी में करीब 1500 से 2000 पर्यटक हिस्सा ले रहे हैं।

पर्यटकों की बढ़ती आमद का सीधा असर जवाई क्षेत्र के आसपास के होटलों पर दिखाई दे रहा है। लगभग सभी होटल इन दिनों फुल हैं। 31 दिसंबर को कई होटलों में सैलानियों के लिए स्थानीय संस्कृति, लोक नृत्य और पारंपरिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
न्यू ईयर और उसके बाद के कुछ दिनों तक मांग ज्यादा रहने के कारण होटल रेट्स में भी इजाफा हुआ है। एक रात ठहरने के लिए सैलानियों को 8 हजार रुपए से लेकर सवा लाख रुपए तक खर्च करने पड़ रहे हैं।

रोजाना 300 गाड़ियों से हो रही सफारी…
जवाई लेपर्ड कंजर्वेशन एरिया में करीब 50 लेपर्ड मौजूद हैं। ये लेपर्ड सेणा, बेड़ा, जीवदा, पैरवा, बिसलपुर, दूदनी, कोठार, रघुनाथपुरा, वेलार और घाणेराव गांवों के आसपास की पहाड़ियों में खुले में दिखाई देते हैं। इन्हें देखने के लिए क्षेत्र में लगभग 300 सफारी गाड़ियां संचालित हैं, जिनसे रोजाना सुबह-शाम सफारी करवाई जा रही है।
7 जनवरी तक होटल और सफारी फुल..
जवाई क्षेत्र के आसपास करीब 35 होटल संचालित हैं। होटल संचालकों के अनुसार 7 जनवरी तक लगभग सभी होटल और जंगल सफारी की गाड़ियां पहले से बुक हो चुकी हैं। जीप सफारी की दरें 3 से 4 हजार रुपए से शुरू होती हैं।
न्यू ईयर के मौके पर लेपर्ड सफारी का क्रेज इतना बढ़ गया है कि जवाई लेपर्ड कंजर्वेशन एरिया इस समय राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो गया है।
लगातार आम इंसानों के अलावा पहुच रही सेलिब्रिटीज ने इस जगह को और मशहूर कर दिया है।

