सोजत रोड (पाली)। पाली जिले के सोजत रोड कस्बे में गुरुवार को एक अनोखी और आकर्षक बारात देखने को मिली, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यहां 11 ऊंटगाड़ियों पर सवार होकर बाराती करीब 10 किलोमीटर का सफर तय करते हुए सहवाज गांव पहुंचे।
बेंगलुरु में कपड़ों का व्यापार करने वाले सोहनलाल प्रजापत ने अपने छोटे बेटे कमल की शादी को यादगार बनाने के लिए पुरानी परंपराओं को जीवंत करने का अनूठा फैसला लिया। इसके लिए विशेष रूप से पुष्कर से 11 ऊंटगाड़ियां मंगवाई गईं।
परंपरा के रंग में रंगी बारात…
बारात में दूल्हा कमल ऊंट पर सवार नजर आया, जबकि बाराती ऊंटगाड़ियों में बैठकर डीजे की धुन पर झूमते हुए आगे बढ़े। महिलाओं ने मंगल गीत गाकर पूरे माहौल को पारंपरिक रंग में रंग दिया।
रास्तेभर यह बारात लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही और देखने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश…
इस अनोखी पहल के जरिए परिवार ने जहां पुरानी संस्कृति को जीवंत किया, वहीं पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। बिना प्रदूषण वाले पारंपरिक साधनों का उपयोग कर यह बारात एक मिसाल बन गई।
पहले भी कर चुके हैं ऐसा प्रयोग…
सोहनलाल प्रजापत ने बताया कि इससे पहले अक्टूबर 2025 में बड़े बेटे भारत की शादी भी इसी तरह अनूठे अंदाज में की गई थी। उस समय 21 बैलगाड़ियों पर बारात सोजत रोड से सोजत पहुंची थी, जिसकी भी क्षेत्रभर में काफी चर्चा रही थी।
यह अनोखी ऊंटगाड़ी बारात न केवल एक यादगार आयोजन बनी, बल्कि परंपरा, संस्कृति और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का सुंदर संदेश भी दे गई।


