पाली। आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता परखने के उद्देश्य से बुधवार को पाली के बांगड़ स्टेडियम में बस बम ब्लास्ट की मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान राहत एवं बचाव कार्य का वास्तविक परिस्थितियों जैसा प्रदर्शन किया गया।

इस अभ्यास में घटनास्थल पर घायलों को निकालने, उन्हें प्राथमिक उपचार देने तथा तत्परता से एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का डेमो किया गया। कार्मिकों ने यह भी दिखाया कि आपदा की स्थिति में कैसे समन्वय बनाकर तेजी से राहत कार्य किया जाता है।
नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण शिविर का समापन…
मॉक ड्रिल को लेकर एसडीएम पाली विमलेन्द्र सिंह राणावत ने बताया कि बुधवार को नागरिक सुरक्षा के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। अंतिम दिन प्रशिक्षण के तहत बम ब्लास्ट की मॉक ड्रिल करवाई गई, ताकि स्वयंसेवक वास्तविक आपदा की स्थिति में जिले और देश की सेवा कर सकें।
उन्होंने बताया कि पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार प्रत्येक जिले में 500 नए स्वयंसेवकों का नामांकन किया गया है। इन स्वयंसेवकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जोधपुर से आई टीम ने दी विशेष ट्रेनिंग…
प्रशिक्षण के लिए जोधपुर से आई विशेषज्ञ टीम सहित अन्य प्रशिक्षकों ने आगजनी, बम ब्लास्ट और अन्य आपदाओं से निपटने की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। इसमें फर्स्ट एड, केजुअल्टी मैनेजमेंट और सुरक्षित रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास शामिल रहा।
इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस विभाग, आपदा राहत कार्यालय, मेडिकल स्टाफ और नागरिक सुरक्षा के जवान मौजूद रहे। सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि आपदा के समय समन्वय, प्रशिक्षण और त्वरित निर्णय ही सबसे बड़ी ताकत होते हैं।


