पाली। शिक्षा विभाग ने गुरुवार को बोमादड़ा रोड स्थित श्रीमती धापूबाई बीएसटीसी (डीएलएड) कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी है। इस फैसले के बाद कॉलेज में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को जिले के अन्य कॉलेजों में शिफ्ट किया जाएगा। साथ ही आगामी सत्र 2026-27 के लिए भी इस कॉलेज को डीएलएड काउंसलिंग में कोई सीट आवंटित नहीं की जाएगी।

कॉलेज प्रबंधन और छात्रों के बीच पिछले दो महीनों से विवाद चल रहा था। छात्र लगातार कॉलेज प्रशासन पर मनमानी और उत्पीड़न के आरोप लगा रहे थे। शिक्षा विभाग के निर्णय के बाद छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने राहत की सांस ली।
धरने पर बैठे थे छात्र, छलके खुशी के आंसू
पाली शहर के साइंस पार्क में सुबह से ही कॉलेज के छात्र धरने पर बैठे हुए थे। जैसे ही उन्हें कॉलेज की मान्यता रद्द होने की सूचना मिली, कई छात्रों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। छात्रों का कहना था कि वे लंबे समय से इस फैसले की मांग कर रहे थे।
कॉलेज के छात्र वेदप्रकाश ने बताया कि उन्हें जबरन हॉस्टल में रहने के लिए मजबूर किया जाता था और जो छात्र प्रबंधन की बात नहीं मानते थे, उन्हें परेशान किया जाता था। बार-बार शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं होने पर छात्र आखिरकार आंदोलन के लिए मजबूर हुए।
शिक्षा विभाग का स्पष्ट आदेश..
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि श्रीमती धापूबाई बीएसटीसी कॉलेज को न तो वर्तमान सत्र में मान्यता दी जाएगी और न ही अगले सत्र 2026-27 में इसे कोई नई सीट आवंटित की जाएगी। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारंभिक, पाली को निर्देश दिए गए हैं कि इस संस्थान में पढ़ रहे सभी छात्र-छात्राओं को जिले के अन्य मान्यता प्राप्त कॉलेजों में समायोजित किया जाए।
कॉलेज प्रबंधन ने बताया राजनीतिक षड्यंत्र…
वहीं कॉलेज प्रबंधक गुणेश रावल ने इस फैसले को राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए कहा कि कॉलेज को गलत तरीके से बदनाम किया गया है। उन्होंने विभागीय निर्णय पर सवाल उठाते हुए इसे एकतरफा कार्रवाई करार दिया।
फिलहाल शिक्षा विभाग के फैसले से छात्रों को बड़ी राहत मिली है और अब वे बिना किसी परेशानी के अन्य कॉलेजों में अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।


