पाली जिले के औद्योगिक नगर थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां एक युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद अस्पताल में जो दृश्य सामने आया, उसने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
जानकारी के अनुसार, शिवाजी नगर निवासी 40 वर्षीय श्रवणराम ने दोपहर करीब 1:30 बजे घर में फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। उस समय उसकी पत्नी काम पर गई हुई थी और दोनों बेटे—पवन (15) व दीपक (13)—घर के बाहर खेल रहे थे।
कुछ देर बाद बड़ा बेटा पवन घर के अंदर जाने लगा, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार खटखटाने के बावजूद जब दरवाजा नहीं खुला, तो उसने खिड़की से अंदर देखा। अंदर का मंजर देखकर वह सन्न रह गया—
उसके पिता फंदे से लटके हुए थे। यह देख वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा।
बच्चे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने दरवाजा तोड़कर श्रवणराम को नीचे उतारा और तुरंत अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल में पत्नी पिंकी का दर्द देख हर कोई भावुक हो उठा। वह पति के शव से लिपटकर रोती रही, सिर को हाथों में लेकर बार-बार कहती रही—
“पवन के पापा उठ जाओ… बच्चों के लिए आंखें खोलो…”
वहीं, जब बेटा पिता का शव देखकर रोने लगा तो मां उसे दिलासा देती रही—
“बेटा रो मत… तेरे पापा सो रहे हैं, अभी उठ जाएंगे…”
पत्नी पिंकी ने बताया कि उसके पति ड्राइविंग का काम करते थे, जबकि वह मिल में काम करती है। सोमवार सुबह वह काम पर चली गई थी। दोपहर करीब 12:30 बजे पति का फोन आया था, लेकिन मिल में ज्यादा शोर होने के कारण वह कॉल नहीं सुन पाई।
पिंकी ने भावुक होकर कहा—
“अगर पता होता कि वो ऐसा कदम उठाएंगे, तो मैं तुरंत घर लौट आती और उन्हें बचा लेती… उन्होंने ऐसा क्यों किया, मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा।”
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है।


