पाली | 25 जून (गुरुवार) मुस्लिम समाज के प्रमुख पर्व मोहर्रम के अवसर पर आज जिला मुख्यालय सहित पूरे पाली शहर में जंग-ए-करबला की याद को ताजा किया गया। शहर के विभिन्न अखाड़ों ने अपने-अपने क्षेत्रों में खलीफा, भंडारी और लाइसेंसदारों की मौजूदगी में हुसैनी लाव-लश्कर के साथ जबरदस्त करतब दिखाए और बारगाहे हुसैन में शहादत की सलामी पेश की। इस दौरान शागिर्दों की हौसला अफजाई के लिए कई जगह स्टेज कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें इनाम-इकरामात से नवाजा गया।
खीर का लंगर और खिराज-ए-अकीदत
बादशाह झंडा क्षेत्र में गौरी परिवार की ओर से एक विशेष आयोजन किया गया। यहां गौरी परिवार के सरपरस्त हाजी अब्दुल कलाम गौरी, RJ22 चीफ ब्यूरो जाहिद गौरी और समस्त गौरी परिवार ने 250 किलो दूध की खीर की फातिहाख्वानी करवाकर आमजन में प्रसाद बांटा। इस दौरान अखाड़ा इंतजामिया कमेटी के सदर इंसाफ भाई सोलंकी का इस्तकबाल कर आभार जताया गया।
स्टेज कार्यक्रमों में प्रतिभाओं का सम्मान
दूसरी तरफ, नवलखा रोड स्थित शेख चिराग अखाड़े के उस्ताद हाजी फकीर मोहम्मद चढ़वा की सदारत में स्टेज कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें छोटे-छोटे बच्चों की हौसला अफजाई करते हुए उन्हें पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में अखाड़ा कमेटी सदर इंसाफ सोलंकी व संयोजक फैयाज बुखारी का स्वागत शांति समिति के सदस्य सलीम भाई मिस्किन और अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश को-ऑर्डिनेटर मोहम्मद सलीम रंगरेज ने किया।
इस मौके पर समाजसेवी महबूब भाई छीपा, खलीफा कालू भाई अब्बासी, युवा नेता रिजवान चढ़वा, हाजी तुर्राब अली रंगरेज, राजू भाई रंगरेज और वक्फ मेंबर इस्माइल भाई सहित समाज के कई मोजिज हजरात मौजूद रहे।
प्रशासन और कमेटियों का जताया आभार
नाडी मौहल्ला ग्रुप की ओर से भी अखाड़ा मीर के उस्ताद, खलीफा और भंडारी का इस्तकबाल किया गया। कार्यक्रम आयोजक जोन्टी और सुल्तान खत्री ने बताया कि इस अवसर पर अखाड़ा कमेटी के सदर इंसाफ भाई सोलंकी, तमाम मेंबर्स और मुस्तैद प्रशासनिक अधिकारियों का भी स्वागत कर आभार व्यक्त किया गया।
कड़ी सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई रस्म
शहादत की यह रात पूरी तरह से अमन-चैन और कौमी यकजहती (सांप्रदायिक सौहार्द) के साथ मनाई गई। मोहर्रम के आगे-आगे पारंपरिक ‘लौटनी की रस्म’ भी पूरी अकीदत से अदा की गई। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा शहर के सभी इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
अखाड़ा इंतजामिया कमेटी के सदर इंसाफ भाई सोलंकी और संयोजक फैयाज बुखारी की देखरेख में सभी अखाड़ों की व्यवस्थाएं सुचारू रहीं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जगह-जगह मेडिकल टीमें तैनात कर प्राथमिक उपचार के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सदर सोलंकी ने सभी कार्यक्रमों के सफल और शांतिपूर्ण समापन पर हर्ष व्यक्त किया।


