सोजत। सोजत के शहर काजी हाजी कमरुद्दीन साहब ने लगभग 30 वर्षों तक मुस्लिम समाज की धार्मिक एवं सामाजिक सेवाएं देने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस खबर के सामने आते ही मुस्लिम समाज में चर्चा का विषय बन गई। समाज के वरिष्ठ एवं जिम्मेदार लोगों से हुई बातचीत में पुष्टि हुई कि उन्होंने यह फैसला पूरी तरह निजी कारणों से लिया है। बताया गया कि उम्र के इस पड़ाव पर अब वे अपना अधिक समय परिवार के साथ बिताना चाहते हैं।
बेहद सादगी पसंद, सूफी तबीयत के धनी और इस्लामी मामलों के गहरे जानकार हाजी कमरुद्दीन साहब ने अपने पूरे कार्यकाल में ईमानदारी, विनम्रता और निष्पक्षता के साथ शहर काजी की जिम्मेदारी निभाई। वे वर्षों से मदरसा इस्लामिया में रहकर बच्चों को दीनी तालीम देते रहे हैं। साथ ही सोजत की जुम्मा मस्जिद के पेश इमाम के रूप में भी अपनी सेवाएं प्रदान करते रहे।
धार्मिक ज्ञान, संतुलित व्यक्तित्व और शांत स्वभाव के कारण हाजी कमरुद्दीन साहब की पहचान केवल सोजत तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे क्षेत्र में एक सम्मानित आलिम और प्रतिष्ठित शख्सियत के रूप में बनी। समाज के हर वर्ग में उन्हें विशेष सम्मान और आदर की दृष्टि से देखा जाता है।
उनके इस्तीफे के बाद मुस्लिम समाज उनकी तीन दशक लंबी सेवाओं को सम्मानपूर्वक याद कर रहा है। समाज के लोगों का कहना है कि उन्होंने हमेशा भाईचारे, सद्भाव और धार्मिक मूल्यों को प्राथमिकता देते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
आज शुक्रवार को नमाज-ए-जुम्मा के बाद सोजत की जुम्मा मस्जिद में हाजी कमरुद्दीन साहब का सम्मान एवं इस्तकबाल किया जाएगा। इसके बाद जुलूस के रूप में उन्हें मदरसा इस्लामिया लाया जाएगा, जहां मुस्लिम औकाफ कमेटी के तत्वावधान में शहर के मुस्लिम समाज द्वारा उनका सामूहिक स्वागत एवं सम्मान किया जाएगा। इस अवसर पर समाज के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोगों के उपस्थित रहने की संभावना है।

