सोजत सिटी। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RALSA) और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA). पाली के निर्देशानुसार आज दिनांक 18.08.2026 को श्रीमती रेखा रानी, अध्यक्ष, तालुका विधिक सेवा समिति (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश), सोजत ने राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, काका चौराहा, सोजत, सुश्री ऋचा जाटव, सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, सोजत ने न्यू लक सेन्ट्रल माध्यमिक विद्यालय, सोजत एवं श्रीमती कायनात शेख, अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, सोजत ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नम्बर 01, सोजत में Transformative Tuesdays कार्यक्रम के तहत कानूनी जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।
इस विशेष पहल के पहले चरण में आज “शोषण के खिलाफ आवाज उठाओः स्वयं अपने रक्षक बने। अच्छा स्पर्श, बुरा स्पर्शः फर्क समझो, सुरक्षित रहो। विषय पर छात्र-छात्राओं को शोषण एवं दुर्व्यवहार के प्रति जागरूक किया गया।
मुख्य आकर्षण और गतिविधियाँ:-
न्यायिक अधिकारियों का मार्गदर्शनः जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पाली के आदेशानुसार सोजत के न्यायिक अधिकारीगण ने आवंटित विद्यालयों का दौरा किया। उन्होंने कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शोषण के खिलाफ आवाज उठाने, मानसिक / भावनात्मक दुर्व्यहार, स्वयं अपने रक्षक बनने तथा अच्छा स्पर्श, बूरा स्पर्श में फर्क समझने के साथ ही इसके सम्बंध में कानूनी सहायता एवं अपराध के बारे में विस्तार से बताया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को भारत में पोक्सो अधिनियम, 2012 नामक कानून के बारें में बताया गया। किसी भी संकट की स्थिति में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की हेल्पलाइन 15100 के साथ-साथ चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, आपातकालीन पुलिस सहायता 112 के बारे में बताया गया, जो सहायता के लिए उपलब्ध हैं।
साथ ही स्कूलों में सुझाव एवं शिकायत पेटी (Complaint Box) भी लगवायी गई, जिसका नाम कोर्ट वाली दीदी रखा गया ताकि बच्चे अपनी समस्याएं बिना डरे साझा कर सकें।
कार्यक्रम का उद्देश्यः-
Transformative Tuesdays एक संरचित विधिक साक्षरता पहल है, जिसका उद्देश्य आज के समय में लड़कियों पर हो रहे शारीरिक, मानसिक दुर्व्यवहार तथा यौन दुर्व्यवहार के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई तथा इस शोषण से सम्बधिंत कानूनी प्रावधानों, नियमों, कानूनी सुरक्षा प्रावधानों के बारे में जागरूक किया गया। तथा इसके साथ ही छात्राओं को जागरूक किया कि कानून आपके सुरक्षित शरीर, सुरक्षित मन, सुरक्षित घर के अधिकार की रक्षा कैसे करता है तथा इसके साथ ही विश्वास जताया कि इस प्रकार के संवाद से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा, समकालीन सामाजिक मुद्दों पर स्वयं जागरूक बन दूसरो में भी जागरूकता फैलाएंगे और वे जिम्मेदार नागरिक बन सकेंगे।
इस अवसर पर विद्यालय प्रधानाचार्य, स्टाफ, बड़ी संख्या में विद्यार्थी न्यायालय कर्मचारी श्री जितेन्द्र सिंह, श्रीमती मनीषा सोनी, श्री मुकेश जांगिड़, श्री दुलीचन्द कुमावत, श्री अशोक राव एवं श्री सांवल प्रभात व्यास, पैरालीगल वॉलेन्टियर उपस्थित रहे।

