सोजत। उम्र के 74वें पड़ाव पर पहुंचने के बावजूद सत्तु सिंह भाटी का जोश, अनुशासन और शारीरिक चुस्ती-फुर्ती आज भी युवाओं को प्रेरित करती है। सेना सहित विभिन्न मोर्चों पर सराहनीय सेवाएं देने वाले भाटी सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज और शिक्षा के क्षेत्र में पूरी सक्रियता के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
पाली जिले में शारीरिक शिक्षक के रूप में कार्यरत सत्तु सिंह भाटी आज भी शिक्षा विभाग एवं विभिन्न संस्थानों द्वारा आयोजित खेल प्रतियोगिताओं और टूर्नामेंटों में एक युवा की ऊर्जा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
वे पेंशनर समाज, वरिष्ठ नागरिक समिति, शारीरिक शिक्षक संघ, सोजत महोत्सव समिति सहित अनेक सामाजिक एवं शैक्षणिक संगठनों से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं तथा कई शिक्षण संस्थानों के संरक्षक के रूप में भी मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।
एक कुशल शारीरिक शिक्षक, दक्ष योग प्रशिक्षक, पर्यावरण प्रेमी और समर्पित समाजसेवी के रूप में उनकी पहचान पूरे क्षेत्र में बनी हुई है। वर्षों की उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें सैकड़ों पुरस्कार, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति-पत्र प्राप्त हो चुके हैं, जिनसे उनके घर की कई अलमारियां सजी हुई हैं।
सत्तु सिंह भाटी के 74वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे, विधायक श्रीमती शोभा चौहान, चारण गढ़वी इंटरनेशनल फाउंडेशन के चेयरमैन अनोप सिंह लखावत, पेंशनर समाज अध्यक्ष लालचंद मोयल, वरिष्ठ नागरिक समिति अध्यक्ष सुरेश ओझा सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों एवं गणमान्य नागरिकों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं सक्रिय जीवन की कामना की। शुभकामनाएं देने वालों में चेतन व्यास, गोरधनलाल गहलोत, डॉ. रामस्वरूप भटनागर, पंकज त्रिवेदी, जुगल किशोर निकुंम, राकेश पंवार, प्रफुल्ल ओझा, देवीलाल सांखला, प्रकाश सोनी, हितेंद्र व्यास, नवनीत राय रूचिर, अब्दुल समद राही, शंकर पारीक, जुगल दवे, राजेश अग्रवाल, एसीबीईओ मोहम्मद रफीक, फौजी अशोक सैन, महेंद्र माथुर, ताराचंद सैनी, लक्ष्मणराम पालडिया, मनोहर पालडिया, पुष्पतराज मुणोत, कानसिंह राठौड़, रमेश चौहान, भंवर सिंह राठौड़, पूरण सिंह राजपुरोहित, दिनेश सोलंकी, अकरम खान सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन शामिल रहे।


