पाली, 14 अगस्त: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के संबोधन के बाद, भाजपा-आरएसएस से जुड़े लोगों द्वारा मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना को लेकर पाली में भारी जनाक्रोश देखने को मिला। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी पाली ने इस घटना के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए शहर में विशाल विरोध मार्च निकाला।

यह विरोध प्रदर्शन सूरजपोल चौराहे से शुरू होकर डॉ. भीमराव अंबेडकर सर्किल तक पहुँचा, जहाँ कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर अपना विरोध जताया।
“लोकतांत्रिक मर्यादाओं और सामाजिक सद्भाव पर हमला”
शिशुपालसिंह निम्बाड़ा
जिला कांग्रेस कमेटी पाली के जिलाध्यक्ष शिशुपालसिंह निम्बाड़ा ने इस घटना की तीखी शब्दों में निंदा करते हुए कहा:
“लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन देश के इतने वरिष्ठ नेता के संबोधन के बाद मंच को अशुद्ध मानकर उसका शुद्धिकरण करना न केवल शर्मनाक है, बल्कि सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पूरी तरह विपरीत है।”

संवैधानिक मूल्यों का अपमान
प्रदर्शन के दौरान विधायक भीमराज भाटी और पूर्व जिलाध्यक्ष अजीज दर्द ने संयुक्त रूप से कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे देश के एक अत्यंत वरिष्ठ राजनेता हैं और राज्यसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर संवैधानिक दायित्व निभा रहे हैं। उनके संबोधन के बाद इस तरह की हरकत करना केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों का घोर अपमान है।

विशाल विरोध मार्च में सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी
इस विरोध प्रदर्शन में जिले के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर हिस्सा लिया। मार्च में मुख्य रूप से:
* **प्रमुख नेता:** महावीर सिंह सुकरलाई, शोभा सोलंकी, पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़, शहर कांग्रेस अध्यक्ष हकीम भाई, पीराराम पटेल, राकेश चौहान, प्रवीण कोठारी, नीलम बिड़ला, सुरबाला काला, अमराराम पटेल, प्रमोदपाल सिंह मेघवाल, गिरधारी सिंह धोलेरिया।
अन्य गणमान्य: जोगाराम सोलंकी, मेहबूब टी, रतन जणवा, भवर राव, करणसिंह चाणोद, प्रकाश सांखला, जीवराज बोराणा, गुलाबसिंह गिरवर, महावीर कटारिया, हितेश सिरोया, गोरधन देवासी, गोविंद बंजारा, यशपालसिंह कुम्पावत, सुनील बैरवा, महेश जोशी, कृष्णा सांसी, ममता चौहान, शकील नागोरी, भेराराम गुर्जर समेत सैकड़ों कांग्रेसजन उपस्थित रहे।


