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पत्रकार सुरक्षा कानून और लंबित मांगों को लेकर 28 अक्टूबर को जयपुर में जुटेंगे प्रदेशभर के सैकड़ों पत्रकार

आईएफडब्ल्यूजे के 77वें स्थापना दिवस पर शहीद स्मारक पर होगा प्रदेशस्तरीय आयोजन, दिवंगत पत्रकारों को श्रद्धांजलि के बाद मुख्यमंत्री के नाम सौंपेंगे ज्ञापन

पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और आजीविका के संरक्षण के लिए प्रभावी कानून बनाए सरकार : राठौड़

सोजत। 25 अक्टूबर। देश के अग्रणी पत्रकार संगठन इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आईएफडब्ल्यूजे) के 77वें स्थापना दिवस पर 28 अक्टूबर बुधवार को प्रातः 11 बजे जयपुर के शहीद स्मारक पर प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राजस्थान की विभिन्न जिला इकाइयों से सैकड़ों की संख्या में पत्रकार साथी भाग लेंगे।

आईएफडब्ल्यूजे के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ दिवंगत पत्रकार साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ होगा। इस अवसर पर पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान, संघर्ष और स्मृतियों को नमन किया जाएगा।

 

इसके पश्चात पत्रकारों की लंबे समय से लंबित मांगों, पत्रकार सुरक्षा कानून, पत्रकारों की आजीविका एवं रोजगार संरक्षण, सामाजिक सुरक्षा तथा पत्रकारों के विरुद्ध उत्पीड़न और प्रतिशोधात्मक कार्रवाइयों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री महोदय के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

 

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों को स्वतंत्र एवं निर्भीक रूप से समाचार संकलन करने का अधिकार है। किसी भी विरोध प्रदर्शन से असहमति के आधार पर पत्रकारों के साथ हिंसा अथवा उनके कार्य में बाधा उत्पन्न करना उचित नहीं ठहराया जा सकता।

 

उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार एवं प्रशासन का दायित्व है। महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच हो

 

जिला अध्यक्ष अरुण जोशी ने बताया कि पत्रकारों के साथ बढ़ती हिंसा, धमकियों और प्रशासनिक उत्पीड़न की शिकायतें इस बात को रेखांकित करती हैं कि देश में एक व्यापक एवं प्रभावी पत्रकार सुरक्षा कानून की आवश्यकता है।प्रस्तावित कानून में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, फ्रीलांस, स्वतंत्र एवं क्षेत्रीय भाषाओं में कार्यरत पत्रकारों को समान रूप से संरक्षण मिलना चाहिए।

 

सोजत उपखंड अध्यक्ष कैलाश गहलोत ने बताया कि पत्रकारों के विरुद्ध हिंसा, धमकी, गैरकानूनी हिरासत, उत्पीड़न तथा उनके पेशेवर उपकरणों को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं में प्रभावी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए।

पत्रकारों की शिकायतों पर समयबद्ध प्राथमिकी दर्ज करने, निष्पक्ष जांच तथा पीड़ित पत्रकारों और उनके परिवारों को सहायता देने की स्पष्ट व्यवस्था भी आवश्यक है।

पत्रकार सुरक्षा कानून किसी संगठन अथवा व्यक्ति को विशेषाधिकार देने का विषय नहीं, बल्कि लोकतंत्र में स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।

सोजत उपखंड अध्यक्ष गहलोत ने सभी पत्रकार साथियों से संगठन के स्थापना पर जयपुर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने का आव्हान किया। उन्होंने बताया कि उपखंड सोजत से बड़ी संख्या में पत्रकार साथी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।

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Written by Rj22 news

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