भांवरी,पाली राजस्थान — दिनांक 5 सितंबर, 2025 को भांवरी गांव में ईद मिलाद उन नबी का पर्व बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। यह पवित्र दिन पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्म का प्रतीक है और इस अवसर पर पूरा गांव रोशनी और आपसी भाईचारे से जगमगा उठा।
जैसे ही शाम हुई, गांव के घर रंग-बिरंगी लाइटों और सजावट से खिल उठे। हर घर से स्वादिष्ट पकवानों की महक आ रही थी। दिन भर लोगों ने अपने घरों में तरह-तरह की मिठाइयां बनाईं और परिवार के साथ फातिहा ख्वानी (प्रार्थना) की, जिसमें सभी ने अल्लाहताला से सुख, शांति और समृद्धि की दुआएं मांगीं।
इस खास मौके पर, मदरसा कमेटी के सदर गुलाम नबी ने लोगों को ईद मिलाद उन नबी के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने मदरसा फैजाने फारुके आजम के पेश-ए-इमाम मौलाना शब्बीर रज़ा की तकरीर का जिक्र किया, जिसमें मौलाना ने पैगंबर मोहम्मद साहब के जीवन और उनकी शिक्षाओं के बारे में विस्तार से बताया।
रात के समय, गांव के बच्चे और युवाओं ने जोश और उत्साह के साथ नात-ए-मुस्तफा (पैगंबर की प्रशंसा में कविताएं) पढ़ीं, जिससे माहौल और भी भक्तिमय हो गया।
यह पावन पर्व न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी गांव को एकजुट करने का जरिया बना। इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे से मिलकर देश में अमन, शांति और भाईचारे की कामना की। ईद मिलाद उन नबी का यह आयोजन गांव में एक नई ऊर्जा और जज्बा भर गया, जिसने सभी को प्रेम और एकता का संदेश दिया।


