जैसलमेर। मंगलवार को जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक निजी बस में लगी भीषण आग की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। हादसा थईयात गांव के पास हुआ, जहां अचानक हुए धमाके के बाद बस पूरी तरह आग की लपटों में घिर गई। इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में चीख-पुकार गूंज उठी।
चश्मदीदों के अनुसार, धमाके के कुछ ही सेकंड में बस के भीतर धुआं भर गया। कई यात्री आग की चपेट में आ गए, जबकि कुछ ने खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर किसी तरह अपनी जान बचाई।
एक चश्मदीद ने बताया, “धमाका हुआ तो बाहर देखा—चारों तरफ सिर्फ धुआं ही धुआं था। मैंने तुरंत 108 पर कॉल किया और एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड बुलाई। हम करीब 30–35 लोग मौके पर पहुंचे और गेट खोलने की कोशिश की। अंदर टैंकर दिखाई दिया, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि पास जाना मुश्किल था।”
सूचना मिलते ही एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल ले जाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस के अंदर का दृश्य बेहद भयावह था—छोटे गेट के पास करीब 10–12 लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरे पड़े थे। कई यात्री गंभीर रूप से झुलस चुके थे और बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
राहत कार्य में सेना के जवानों और पास के गोदाम के कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आग बुझाने और घायलों को बाहर निकालने में मदद की। मौके पर मौजूद ग्रामीणों की तत्परता से कई लोगों की जान बचाई जा सकी।


