पाली। दीपावली का पर्व नजदीक आते ही शहर का बाजार रंग-बिरंगी रोशनी और पटाखों की चमक से जगमगा उठा है। इस बार बाजार में पारंपरिक पटाखों के साथ कई नई और अनोखी वैराइटी के पटाखे लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा में है ‘लव डोज’ पटाखा, जो आसमान में करीब 30 फीट की ऊंचाई तक जाकर रंगीन रोशनी से दिल की आकृति बनाता है। युवाओं में इस पटाखे का खासा क्रेज देखा जा रहा है।
इसके अलावा बाजार में इस बार 5 फीट ऊंचाई वाला ‘तारा’ पटाखा भी आया है, जो करीब 6 मिनट तक लगातार रंग-बिरंगी रोशनी बिखेरता है। वहीं रेत में घूमने वाली जमीन चकरी भी इस बार लोगों की पसंद बन गई है।
शहर में इस बार करीब 750 स्थायी और अस्थायी पटाखा दुकानें सजी हैं। व्यापारियों का कहना है कि इस दीपावली पर करीब 10 से 12 करोड़ रुपये के कारोबार की उम्मीद है।
ग्रीन पटाखों की बढ़ी मांग
सरकार की सख्ती के बाद इस बार बाजार में ज्यादातर ग्रीन पटाखे ही उपलब्ध हैं। रामलीला मैदान में दुकान लगाने वाले प्रेमजी मेवाड़ा ने बताया कि ये पटाखे पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाते हैं और इनकी आवाज कम तथा रोशनी ज्यादा होती है। ग्राहक भी इसी तरह के पटाखों की डिमांड कर रहे हैं।
पाली में तमिलनाडु से आते हैं बड़े पटाखे..
विक्रेता अश्विनी मेवाड़ा ने बताया कि पाली के बाजार में बड़े पटाखे तमिलनाडु के शिवाकासी से, फुलझड़ियां किशनगढ़ से, और सूतली बम उदयपुर से मंगवाए जाते हैं। रामलीला मैदान, मिलगेट सुपर मार्केट, रामदेव रोड और नहर पुलिया सहित शहर के कई इलाकों में पटाखा बाजार सजे हुए हैं।
20 रुपए से लेकर 15 हजार तक के पटाखे
पाली बाजार में इस बार 20 रुपए से लेकर 15 हजार रुपए तक के पटाखे उपलब्ध हैं। छोटे बच्चों के लिए फुलझड़ी, अनार, चकरी जैसी वस्तुएं हैं, जबकि बड़े लोगों के लिए 10 हजार रुपए तक के स्काई शॉट्स हैं। रंगीन अनार की भी विशेष डिमांड है, जिसमें एक ही पैक में 5 तरह के अलग-अलग अनार मिलते हैं।
सुरक्षा का रखा गया पूरा ध्यान..
पिछले वर्षों में हादसों को देखते हुए इस बार पटाखा कंपनियों ने सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। नए पटाखों में प्लास्टिक की पाट लगाई गई है, जिससे आग लगने पर वह धीरे-धीरे जलती है और पटाखा छोड़ने वाले को सुरक्षित दूरी बनाने का पर्याप्त समय मिल जाता है।
पाली का दीपावली बाजार इस बार रोशनी, रंग और सुरक्षा का शानदार संगम बन गया है — जहां नए पटाखे शहरवासियों की खुशियों में चार चांद लगा रहे हैं।


