पाली। शहर में हुई एक अनोखी शादी ने समाज को नई सोच का संदेश दिया है। दूल्हा कृष्णकांत बड़गुर्जर, जो भारतीय नेवी में पोस्टेड हैं, ने शादी में दुल्हन पक्ष द्वारा दिए गए 71 हजार 101 रुपए के नेक में से 71 हजार रुपए वापस लौटा दिए और केवल 101 रुपए शगुन स्वरूप स्वीकार किए।

पढ़ी-लिखी दुल्हन मिली है, रुपए मैं कमा लूंगा
दूल्हे कृष्णकांत का कहना था— “मुझे पढ़ी-लिखी दुल्हन मिली है। रुपए तो मैं कमा लूंगा।” उनकी इस सोच ने शादी समारोह में मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया।
दूल्हन LLB की छात्रा..
दुल्हन हर्षिता, जो LLB की पढ़ाई कर रही है, पाली के धानमंडी क्षेत्र निवासी इन्द्रचंद राखेचा की बेटी हैं। वहीं दूल्हा कृष्णकांत सोजतरोड के शास्त्री नगर निवासी उमेश कुमार बड़गुर्जर के पुत्र हैं। शादी का आयोजन पाली के किसान केसरी गार्डन में हुआ।
पिता से चर्चा कर लौटाए रुपए..
शाम को दुल्हन पक्ष की ओर से दहेज/नेक के रूप में 71 हजार 101 रुपए दिए गए थे। दूल्हे ने इस बारे में अपने पिता उमेश कुमार से चर्चा की। पिता ने बेटे के इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा— “रुपए तुम अपने हाथ से ही लौटाओ।”
इसके बाद कृष्णकांत ने स्वयं दुल्हन के पिता इन्द्रचंद राखेचा को पूरा पैसा वापस लौटा दिया और सिर्फ 101 रुपए शगुन के तौर पर रखे।
समाज ने की भरभराकर सराहना..
दूल्हे के इस कदम की वहां मौजूद पीपा क्षत्रिय दर्जी समाज के लोगों—मोहनलाल आर्य, किरण दीवान परिहार, जगदीश गोयल, शशिकांत, प्रेमकुमार राखेचा सहित अन्य ने सराहना की और दूल्हे व उसके पिता की पीठ थपथपाई।
समाज जनों ने कहा कि यह कदम दहेज प्रथा के खिलाफ एक प्रेरणादायक मिसाल है।
पाली की इस शादी ने समाज में दहेज मुक्त विवाह की नई उम्मीद जगाई है।

