पाली। फैक्ट्री बंद होने के बाद बेरोजगारी और आर्थिक तंगी से जूझ रहे 48 साल के व्यक्ति ने चोरी का रास्ता अपना लिया। दो महीने के भीतर उसने अलग-अलग इलाकों से छह बाइक चुराईं और उन्हें जंगल में छुपाकर रख दिया। हालांकि, बाइक बेचने से पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी की निशानदेही पर जंगल में छुपाकर रखी गई सभी छह बाइक बरामद कर ली गई हैं। खास बात यह है कि आरोपी के खिलाफ इससे पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था।
फैक्ट्री बंद हुई, काम छूटा तो चोरी की राह पकड़ी
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले एक फैक्ट्री में मजदूरी करता था। कुछ महीनों पहले फैक्ट्रियां बंद हो गईं, जिससे उसका काम छूट गया। लंबे समय तक रोजगार नहीं मिलने और घर चलाने की मजबूरी के चलते उसने बाइक चोरी करना शुरू कर दिया। हालांकि, वह चोरी की गई किसी भी बाइक को बेच नहीं पाया था।
दो थानों में दर्ज थीं चोरी की रिपोर्ट
एसपी आदर्श सिंधु ने बताया कि कोतवाली थाने में 29 जनवरी को मोहम्मद शरीफ पुत्र उस्मान मोमिनों निवासी मदरसा ने रिपोर्ट दी थी कि 24 जनवरी 2026 की शाम घर के बाहर खड़ी उसकी बाइक चोरी हो गई।
इसी तरह 30 जनवरी 2026 को इस्माइल खान पुत्र जहूर मोहम्मद, निवासी नया गांव ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि 19 जनवरी को नेहरू पार्क, पुराना बस स्टैंड क्षेत्र से उसकी बाइक चोरी हो गई।
CCTV फुटेज से मिला सुराग
लगातार हो रही बाइक चोरी की घटनाओं को देखते हुए कोतवाली थानाधिकारी रविन्द्र सिंह खिंची के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थलों के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति नजर आया।
जांच के बाद पुलिस सदर थाना क्षेत्र के निम्बाड़ा गांव निवासी 48 वर्षीय फिरोज पुत्र खिवंर खान तक पहुंची। पूछताछ में आरोपी ने छह बाइक चोरी करना स्वीकार कर लिया।
जंगल से बरामद हुईं सभी बाइक
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर जंगल में छुपाकर रखी गई छह बाइक बरामद कर लीं। आरोपी ने बताया कि उसने दो बाइक कोतवाली थाना क्षेत्र से और चार बाइक औद्योगिक थाना क्षेत्र से चोरी की थीं।
फिलहाल पुलिस आरोपी से आगे पूछताछ कर रही है और चोरी के अन्य मामलों से भी उसके संबंधों की जांच की जा रही है।
