पाली, 6 जून। पुलिस लाइन मैदान में हॉकी पाली के तत्वावधान में आयोजित की जा रही 16वीं राज्य स्तरीय जूनियर पुरुष हॉकी प्रतियोगिता का तीसरा दिन बेहद रोमांचक रहा। आज खेले गए क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मुकाबलों में प्रदेश की शीर्ष टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। शानदार खेल कौशल, अनुशासन और टीम भावना के बीच खिलाड़ियों ने फाइनल का टिकट कटाने के लिए मैदान पर पूरा दमखम लगा दिया।
अतिथियों ने बढ़ाया हौसला, चयन समिति का गठन
प्रतियोगिता के दौरान आज मुख्य अतिथि समाजसेवी व भाजपा के युवा नेता नरेश ओझा तथा विशिष्ट अतिथि ब्राह्मण युवा महासभा के प्रदेशाध्यक्ष कनिष्क शर्मा ने शिरकत कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उनके प्रोत्साहन की घोषणा की। हॉकी पाली के अध्यक्ष महिपाल सिंह निंबाड़ा ने बताया कि हॉकी राजस्थान के अध्यक्ष अरुण कुमार सारस्वत के निर्देशानुसार राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता के लिए उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन हेतु एक विशेष चयन समिति का गठन किया गया है, ताकि प्रदेश की एक बेहतरीन टीम तैयार की जा सके।
मैदान पर दिखा कड़ा मुकाबला
क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में सटीक पासिंग, तेज गति और बेहतरीन डिफेंस का नजारा देखने को मिला। कई मैचों में अंतिम मिनटों में हुए निर्णायक गोल ने दर्शकों की धड़कनें बढ़ा दीं। इसके बाद हुए सेमीफाइनल मुकाबलों में फॉरवर्ड खिलाड़ियों के शानदार आक्रमण और गोलकीपरों के अद्भुत बचाव आकर्षण का केंद्र रहे।
आज के मैचों के परिणाम:
क्वार्टर फाइनल:
* हनुमानगढ़ ने टोंक को 2-1 से हराया।
* पाली ने बाड़मेर को 2-0 से शिकस्त दी।
* भीलवाड़ा ने धौलपुर को 2-1 से मात दी।
* जयपुर ने सीकर को 3-1 से हराया।
* अलवर ने पाली को 10-1 से हराकर जीत दर्ज की।
सेमीफाइनल:
प्रथम सेमीफाइनल: जयपुर वर्सेस भीलवाड़ा के बीच खेला गया, जिसमें जयपुर 3-1 से विजयी होकर फाइनल में पहुंचा।
द्वितीय सेमीफाइनल: हनुमानगढ़ वर्सेस अलवर के बीच बेहद कड़े मुकाबले में अलवर ने 2-1 से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई।
अब खिताबी मुकाबला **जयपुर और अलवर** के बीच खेला जाएगा।
बेहतर व्यवस्थाओं से अभिभूत हुए खिलाड़ी
विभिन्न जिलों से आए खिलाड़ियों, कोच और मैनेजर्स के लिए हॉकी पाली द्वारा माली समाज भवन में ठहरने की माकूल व्यवस्था और स्वादिष्ट भोजन का प्रबंध किया गया, जिसकी सभी ने मुक्त कंठ से सराहना की। प्रतियोगिता के सफल संचालन में हॉकी पाली के सचिव सत्यनारायण सिंह पुनाड़िया, दिनेश पंवार, सन्नी राठौड़, मांगु सिंह दुदावत, राजेश पाटनेचा, वासुदेव शर्मा, बहादुर सिंह राठौड़, ताराराम मेवाड़ा सहित सभी तकनीकी अधिकारियों, निर्णायकों और स्वयंसेवकों का सराहनीय योगदान रहा।


