मुख्यालय धाकड़ी (सोजत)। धाकड़ी। राजस्थान सरकार द्वारा ग्रामीणों को अपने छोटे-बड़े कामों के लिए तहसील और जिला मुख्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए पंचायत मुख्यालय धाकड़ी में ‘ग्रामीण सेवा शिविर’ का आयोजन किया गया था। सरकार के स्पष्ट निर्देश थे कि लगभग 22 विभागों के अधिकारी व कर्मचारी इस शिविर में उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करेंगे। लेकिन धरातल पर दावों और हकीकत में बड़ा अंतर देखने को मिला।

आज आयोजित हुए इस शिविर में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले **पंचायत समिति के विकास अधिकारी (BDO) श्री सुरेश कविया, पंचायत समिति सोजत के ए.ई.एन. श्री नेमाराम और धाकड़ी पंचायत के सरपंच (प्रशासक) सुखदेव गर्ग** खुद शिविर से नदारद रहे। मुख्य जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधि के न पहुंचने से ग्रामीणों में भारी रोष देखा गया और उनके कई जरूरी काम मौके पर ही अटक कर रह गए।
22 में से केवल 14 विभाग ही पहुंचे
सरकारी आदेशों की अवहेलना का आलम यह रहा कि शिविर में तय 22 विभागों के मुकाबले केवल 14 विभागों के कर्मचारी और प्रतिनिधि ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराने पहुंचे। बाकी 8 विभागों के न पहुंचने से उन विभागों से जुड़ी समस्याओं को लेकर आए ग्रामीणों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
शिविर में मौजूद रहे ये अधिकारी व कर्मचारी
लापरवाही के बीच, कई विभागों के अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए शिविर में भाग लिया और लोगों की समस्याओं को सुना। शिविर में मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे:
राजस्व व प्रशासन विभाग: तहसीलदार कुपसिंह पंवार, आर.आई. रूघाराम, पटवारी भागीरथ चौधरी।
स्थानीय पंचायत प्रशासन:* धाकड़ी पंचायत उप सरपंच (उप प्रशासक) श्री भवानीसिंह राठौड़, ग्राम पंचायत अधिकारी राजुदान और रघुनाथ सिंह चारण।
विद्युत विभाग: नगेंद्र कुमार गुर्जर, भूपेंद्र सिंह।
शिक्षा विभाग: प्रिंसिपल तुलसाराम चौधरी, महेंद्र आसेरी।
* **सहकारी समिति व बैंक:** कॉपरेटिव सहकारी समिति से तुलसाराम चौधरी और ग्रामीण बैंक बिलावास से एक सदस्य।
* **स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद:** आयुर्वेद विभाग से डॉ. शेखर मीणा, चिकित्सा विभाग से संतोष चौधरी (स्टाफ सहित)।
* **महिला एवं बाल विकास:** आंगनबाड़ी से अरुणा जीनगर।
* **वन एवं पर्यावरण:** श्रवण सिंह, रवींद्र चौधरी।
* **अन्य विभाग:** समाज कल्याण विभाग से ओमप्रकाश, पशुपालन विभाग से मोनिका, जलदाय विभाग से एक प्रतिनिधि और कृषि विभाग से सीमा कुड़ी अपनी टीम के साथ मौजूद रहीं।
ग्रामीणों ने उठाई कार्रवाई की मांग
शिविर में आए ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकार खुद उनके द्वार पर प्रशासन को भेज रही है, तो ऐसे में स्थानीय विकास अधिकारी और सरपंच का गायब रहना सरकार की योजनाओं को पलीता लगाने जैसा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शिविर से नदारद रहने वाले जिम्मेदार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में आयोजित होने वाले शिविरों में ऐसी लापरवाही न दोहराई जाए।


