बगड़ी नगर। निकटवर्ती सारंगवास से हरियामाली तक करीब 3 किलोमीटर लंबा मार्ग पिछले दो साल से प्रशासनिक लापरवाही और ठेकेदार की सुस्ती की भेंट चढ़ा हुआ है। डामर सड़क का निर्माण कार्य अधूरा पड़े रहने से स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर कंक्रीट बिछाकर कार्य को बीच में ही छोड़ दिया गया है, जो अब हादसों को न्यौता दे रही है।
क्या है पूरा मामला?
हरियामाली सरपंच प्रतिनिधि **भैराराम चौहान** ने बताया कि:
* **2 वर्ष पूर्व** सारंगवास से हरियामाली तक नई डामर सड़क निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी।
* योजना के तहत **500 मीटर हिस्से में सीसी (कंक्रीट) सड़क** तथा शेष भाग पर **डामर सड़क** बनाई जानी थी।
* गत वर्ष बरसात से ठीक पहले ठेकेदार ने काम शुरू किया और सड़क पर कंक्रीट डाल दी।
* बारिश शुरू होते ही काम बंद हुआ, जो पिछले एक साल से दोबारा शुरू ही नहीं हो सका।
राहगीरों की बढ़ गई हैं मुसीबतें
> “पिछले एक वर्ष से अधिक समय से मार्ग पर केवल नुकीली कंक्रीट बिछी हुई है। इसके कारण दुपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना रहता है, वहीं कार, ट्रैक्टर, ट्रक और अन्य भारी वाहनों के टायर पंक्चर हो रहे हैं। धूल के गुबार से सांस लेना भी दूभर है।” — स्थानीय ग्रामीण
प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के उच्च अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है कि ठेकेदार को पाबंद कर जल्द से जल्द डामरीकरण का कार्य पूरा करवाया जाए, ताकि लोगों को इस कड़े सफर से निजात मिल सके।


