बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान देना हमारी जिम्मेदारी: एडीएम
कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) डॉ. बजरंग सिंह और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मुकेश चौधरी ने भी पोस्टर विमोचन करते हुए बच्चों के अधिकारों पर प्रकाश डाला। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों का सही स्थान कारखानों या दुकानों में नहीं, बल्कि स्कूलों में है।
कानूनी कार्रवाई की दी गई चेतावनी
मानव तस्करी विरोधी यूनिट (AHTU) के प्रभारी अल्ताफ खान ने पोस्टर विमोचन के दौरान सख्त लहजे में कहा कि बाल तस्करी और बाल श्रम कराना एक गंभीर कानूनी अपराध है। ऐसा करने वालों के खिलाफ प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा। वहीं, सदर थाना अधिकारी कपूराराम चौधरी ने ‘बचपन बचाओ, बाल श्रम और बाल तस्करी मिटाओ’ का नारा देते हुए विभिन्न क्षेत्रों में पोस्टर वितरित करवाए और लोगों को जागरूक किया।
विभिन्न विभागों के समन्वय से तैयार हुई रणनीति
जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन व जी एस वी एस (GSVS) के जिला समन्वयक अमन कुमार वैष्णव ने बाल तस्करी और बाल श्रम की रोकथाम को लेकर उपस्थित सभी विभागों के साथ विस्तृत चर्चा की। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन, बाल अधिकारिता विभाग, बाल कल्याण समिति (CWC), आरपीएफ (RPF), पुलिस विभाग और मानव तस्करी विरोधी यूनिट के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत के दौरान मानव तस्करी विरोधी इकाई से अल्ताफ खान, सदर थाना अधिकारी कपूराराम चौधरी, टी पी नगर थाना अधिकारी हनुवंत सिंह, बाल कल्याण समिति के सदस्य गंगाराम देवासी, पुलिस टीम से ऊषा, नवलाराम, मादाराम और संस्था की ओर से अमन कुमार, हरिराम, धन्नाराम व खेरूनिशा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।