सोजत। राम स्नेही संत हजारीलाल महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसी जीवन में प्रभु की सच्ची भक्ति कर मोक्ष की प्राप्ति की जा सकती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से संत सुखराम महाराज द्वारा बताए गए आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि उनके द्वारा दिए गए छह पूर्व और छह पश्चिम कमल, शंख नाल एवं बंक नाल के ज्ञान का संसार में विशेष महत्व है। इस ज्ञान का अनुसरण कर मनुष्य स्वर्गलोक की प्राप्ति कर सकता है।
सोमवार को सोजत जैतारणिया गेट के बाहर स्थित माली समाज भवन में आयोजित विशाल सत्संग समारोह को संबोधित करते हुए संत हजारीलाल महाराज ने कहा कि रामायण और श्रीमद्भगवद्गीता में वर्णित ज्ञान भी परम सत्य है, लेकिन संत सुखराम महाराज द्वारा बताए गए मार्ग पर चलते हुए यदि मनुष्य हर सांस के साथ प्रभु श्रीराम का नाम जपे, तो उसे आत्मज्ञान एवं ईश्वर के भेद का अनुभव हो सकता है।
प्रवचन के दौरान महाराज ने “नर बाहर भटके काई, सब सुख है घट माही” सहित कई ज्ञानवर्धक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। पूरे सत्संग स्थल पर आध्यात्मिक वातावरण और रामनाम की गूंज से श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
इससे पूर्व नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा मगरिया बेरा, दिल्ली दरवाजा, पुलिस थाना रोड, मुख्य बाजार एवं जैतारणिया दरवाजा होते हुए माली समाज भवन पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। शोभायात्रा में सिर पर कलश धारण किए महिलाएं, बैंड-बाजों की मधुर धुन, रथ में विराजमान संत हजारीलाल महाराज तथा धार्मिक जयघोष करते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
आयोजन समिति के ओमप्रकाश प्रजापत, लक्ष्मण चौहान, आदूराम गहलोत, नारायण सिंह राजपुरोहित, बद्रीराम, पृथ्वीराज सोनी, नारायण सिंह राजपूत एवं कल्याण भाटी सहित अन्य पदाधिकारियों ने संतों का पुष्पमालाओं से स्वागत एवं अभिनंदन किया। समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

