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सोजत मे सदियों पुरानी मायाजाल परम्परा में गूंजे ढोल-नगाड़े, अच्छी बारिश की मांगी अरदास।

सोजत। अच्छी बरसात, खुशहाली और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर सोजत में सदियों से चली आ रही ‘मायाजाल’ की परम्परा गुरुवार को श्रद्धा और आस्था के साथ निभाई गई। स्थानीय माली, घांची, मेवाड़ा एवं सिरवी समाज के चौधरी, पंचगण और गणमान्य लोगों ने श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर विभिन्न देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर अच्छी बारिश की अरदास की।

शहर के हृदय स्थल धान मंडी स्थित चांवटा वाले भैरुजी महाराज की पूजा-अर्चना एवं ज्योत प्रज्वलित करने के साथ धार्मिक आयोजन की शुरुआत हुई। इसके बाद श्री चारभुजा नाथ, श्री काला-गोरा भैरुनाथ, श्री सती माता, श्री गौगा जी महाराज (गौगा नाडा) तथा चामुण्डा माता की भाखरी स्थित श्री चामुंडा माता मंदिर में विधिवत हवन, माताजी की पौशाक एवं श्रृंगार कर मीठी गुगरी का भोग लगाया गया।

इस अवसर पर देश-प्रदेश, शहर एवं गांव में खुशहाली, अच्छी बारिश और सभी के स्वस्थ रहने की कामना को लेकर देवी-देवताओं के समक्ष सामूहिक अरदास की गई। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज से माहौल भक्तिमय हो गया।

आयोजन में माली समाज के अध्यक्ष चम्पालाल सांखला, चौधरी गोरधन लाल गहलोत, गणपत सिंह पालरिया, देवीलाल सांखला, लुंबाराम सांखला, भेराराम पालरिया, पाली जिला अध्यक्ष एवं चौधरी ताराचंद सैनी, रतनलाल भाटी व नारायण लाल परिहार सहित समाज के पंचगण मौजूद रहे।

घांची समाज के अध्यक्ष नरपतराज सोलंकी, चौधरी मुन्नालाल निकुम पंवार, राजाराम सोलंकी, राजाराम देवड़ा, नेनाराम सोलंकी, चेनाराम भाटी एवं श्याम निकुम पंवार सहित समाजजन उपस्थित रहे। वहीं मेवाड़ा समाज के अध्यक्ष मदनलाल के साथ सोहनलाल, बाबूलाल, धनराज, महेंद्र एवं धर्मेश तथा सिरवी समाज के अध्यक्ष दिनेश, माणकलाल सहित अन्य पंचगण एवं गणमान्य लोग भी आयोजन में शामिल हुए।

हवन एवं धार्मिक अनुष्ठान की पूर्णाहुति ज्योतिषाचार्य पांचाराम जोशी द्वारा विधिवत रूप से करवाई गई। आयोजन के दौरान चारों समाजों की सहभागिता ने आपसी भाईचारे, सामाजिक एकता और वर्षों पुरानी परम्परा के प्रति आस्था का संदेश दिया।

Akram Khan

Written by Akram Khan

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