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दीप विधा आश्रम में हर्षोल्लास से मनाया बाल दिवस पर जश्न

पाली, 14 नवम्बर 2025
दीप विद्या आश्रम सेकेंडरी स्कूल, जालोरी दरवाजा, पाली

बाल उत्सव से महक उठा विद्यालय परिसर – पेपर शॉट बम से हुआ भव्य आगाज़

दीप विद्या आश्रम सेकेंडरी स्कूल का पूरा परिसर आज खुशियों, हंसी और मासूमियत के रंगों से सराबोर दिखाई दिया। बाल दिवस के अवसर पर आयोजित बाल उत्सव 2025 ने बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों सभी के मन में एक अविस्मरणीय याद छोड़ दी।

प्रधानाचार्या सुमन लोहिया ने पेपर शॉट बम चलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और बच्चों का उत्साह चरम पर पहुँच गया।

रंग-बिरंगे कार्यक्रमों में झलका बच्चों का उत्साह

जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिवस को समर्पित इस कार्यक्रम में बच्चों के मनोरंजन एवं प्रतिभा-विकास के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया—

इंडोर गेम्स

स्पीच प्रतियोगिता

चित्रकला प्रतियोगिता

डांस परफॉर्मेंस

वाद-विवाद

सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

हर प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी ऊर्जा, मासूमियत और रचनात्मकता से सभी का मन मोह लिया। विद्यालय परिसर दिनभर तालियों, मुस्कुराहट और जश्न से गूंजता रहा।

नेहरू जी के सपनों को बच्चों ने दी नई उड़ान

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू बच्चों को राष्ट्र का भविष्य मानते थे। उनकी सोच और विचार आज भी उतने ही प्रेरणास्पद हैं।

“आज के बच्चे ही कल का भविष्य हैं”—नेहरू जी की यही अमूल्य सीख बच्चों के हर कदम, हर हंसी और हर उपलब्धि में दिखी।

“फूलों-सी मुस्कान लेकर चलते हैं ये बच्चे,
नेहरू जी के सपनों का कल संवरते हैं ये बच्चे,
जिस घर में इनकी हंसी गूंजती है हर पल,
समझ लो वहाँ खुदा के नूर उतरते हैं ये बच्चे।”

स्वतंत्र भारत के निर्माण में नेहरू जी की आधुनिक सोच और दूरदृष्टि ने जो दिशा दिखाई थी, वही शिक्षा और संस्कारों के माध्यम से दीप विद्या आश्रम आज बच्चों को प्रदान कर रहा है।

शिक्षा और संस्कार – सशक्त भारत की नींव

विद्यालय निर्देशक कमल किशोर जैन ने नेहरू जी के उस दृष्टिकोण को दोहराया जिसमें वे कहते थे कि
“बच्चों में अपार संभावनाएं होती हैं, उन्हें सही दिशा मिले तो वही राष्ट्र को ऊंचाइयों पर ले जाते हैं।”

“नेहरू ने जो सपने बोए थे शिक्षा के मैदान में,
उन सपनों की खुशबू मिलती है हर नौनिहाल के ज्ञान में,
बच्चे हों आज़ाद उड़ने को अपनी उम्मीदों के आसमां में,
यही थी चाहत जवाहर की हर बचपन की मुस्कान में।”

 

कार्यक्रम की कोऑर्डिनेटर निलम दवे ने बताया कि बाल दिवस बच्चों की प्रतिभा को पहचानने, उन्हें प्रोत्साहित करने और उनकी रचनात्मकता को सम्मान देने का दिन है।

“बचपन की किलकारियों में बसता है देश का भविष्य सारा,
नेहरू जी ने समझाया था—‘हर बच्चा है सितारा’,
इनके सपनों को पंख दो, इनकी हंसी को सम्मान,
यही असली अर्थ है बाल दिवस का, यही सच्चा भारत का अभिमान।”

नेहरू जी के विचारों में बच्चों में छिपे उजाले, उनकी मासूम दुनिया और उनके सपनों को समझने की प्रेरणा मिलती है।

“अगर असली भारत को समझना है, तो बच्चों की आंखों में झांक कर देखो।”
उनका यह विचार आज भी हर शिक्षक, हर अभिभावक और हर समाज को यह संदेश देता है कि बच्चों को केवल पढ़ाना ही नहीं, बल्कि उन्हें समझना, उनके सपनों को दिशा देना और उनके बचपन को सुरक्षित रखना हमारा दायित्व है।

“नेहरू का संदेश था बच्चों को सिर्फ पढ़ाओ नहीं,
उन्हें समझो, उन्हें सुनो, उनके सपनों को सजाओ भी।”

कार्यक्रम के आयोजक अकरम खान ने बताया कि बच्चों के लिए यह दिन विशेष बनाया गया। विद्यालय प्रशासन द्वारा सभी बच्चों को सम्मानपूर्वक स्वादिष्ट भोजन कराया गया और अंत में पेपर शॉट बम चलाकर बाल उत्सव का शानदार समापन किया गया।
खुशियों की बारिश जैसा यह नज़ारा बच्चों के चेहरों पर चमकती मुस्कान बनकर हमेशा याद रहेगा।

इस अवसर पर
तरुण शर्मा, नरेश सेन, आकाश जैन, स्वेत यादव, रेखा कुमावत, रेखा दमानी, तफशीन अंसारी, वैभवी रंगवानी, रेणु सिंह राव एवं खुशबू अंसारी
भी उपस्थित रहे।

बाल दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं यह बच्चों के सपनों, उनके अधिकारों, उनकी भावनाओं और उनके उज्ज्वल भविष्य का उत्सव है।
दीप विद्या आश्रम द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम नन्हे-मुन्नों के चेहरों पर मुस्कान और उनके दिलों में नया आत्मविश्वास जगाने का श्रेष्ठ प्रयास सिद्ध हुआ।

हर बच्चा अनमोल है, हर मुस्कान भारत का भविष्य है…
यही संदेश दीप विद्या आश्रम ने आज फिर से साकार किया।*RJ22 News Pali चीफ़ एडीटर सैय्यद फैयाज बुखारी*****

Fayaj Bukhari

Written by Fayaj Bukhari

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