पाली। शहर के सूरजपोल चौराहे पर गुरुवार शाम नगर निगम की ओर से पारंपरिक गांवशाही गैर का भव्य आयोजन किया गया।

गैर देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी उमड़ पड़े। ढोल-थाली की गूंज और “ओ धइड़ों…” के जयघोष के साथ गेरिए आकर्षक परिधानों में पारंपरिक गैर नृत्य करते नजर आए। पूरे चौराहे पर ऐसा माहौल बन गया मानो लोक संस्कृति साकार होकर सामने आ गई हो।

गैर में सैकड़ों गेरिए शामिल हुए। इस दौरान एक महिला भी गैर नृत्य करती नजर आई, जिसने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। वहीं 47 वर्षीय ओमप्रकाश अपने 5 वर्षीय पोते चिराग के साथ पारंपरिक वेशभूषा में गैर खेलते दिखाई दिए।
दादा-पोते की इस अनोखी जोड़ी का नृत्य शहरवासियों को खूब भाया और लोगों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम में कलाकारों ने अलग-अलग स्वांग रचकर प्रस्तुति दी। कोई कच्छी घोड़ी बनकर नाचता नजर आया तो कोई भालू का स्वांग रचकर दर्शकों का मनोरंजन करता रहा। कुछ कलाकार लाइटिंग वाली विशेष पोशाक पहनकर गैर में शामिल हुए, जिससे माहौल और भी आकर्षक बन गया।
करीब दो घंटे तक गेरिए डांडियां खनकाते हुए गैर नृत्य करते रहे। इस दौरान कई लोग अपने मोबाइल कैमरों में इस रंगारंग आयोजन के नजारों को कैद करते नजर आए।
कार्यक्रम में अतिथियों ने श्रेष्ठ गैर नर्तकों और गांव के प्रमुखों का सम्मान भी किया। इस अवसर पर मंत्री जोराराम कुमावत, पूर्व सांसद पुष्प जैन, भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी, दिग्विजय सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

निर्णायक मंडल में भंवर चौधरी, धनराज कारगवाल और भंवरलाल लाटेचा ने महिला, पुरुष और बच्चों की श्रेणियों में श्रेष्ठ गैर नर्तकों का चयन किया, जिन्हें नगर निगम की ओर से सम्मानित किया गया।


