पाली, 11 जून 2026 पाली जिला मुख्यालय पर आज उस समय सियासी पारा चढ़ गया जब स्वायत्त शासन नगरीय निकाय एवं जिला प्रभारी मंत्री झाबर सिंह खर्रा के पाली आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उनसे मिले बिना ही बैरंग लौटना पड़ा। पाली शहर की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं के समाधान को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाडा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसजन सर्किट हाउस पहुंचे थे। कांग्रेस का आरोप है कि जिला व पुलिस प्रशासन को पूर्व में सूचित करने के बावजूद प्रभारी मंत्री मिलने और ज्ञापन लेने को तैयार नहीं हुए।
तीन घंटे प्रदर्शन, गेट पर चस्पा किया ज्ञापन
मंत्री के इनकार से आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ता और महिला मोर्चा कड़ी धूप में सर्किट हाउस के मुख्य द्वार पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लगभग तीन घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी जब मंत्री ने सुध नहीं ली, तो कार्यकर्ताओं ने सर्किट हाउस के मुख्य द्वार पर ही ज्ञापन चस्पा कर दिया। इस दौरान मौजूद महिला कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप ज्ञापन के पास चूड़ियाँ रख दीं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच एक-दो बार तीखी झड़प भी हुई।
“सत्ता के अहंकार में चूर हैं मंत्री” – शिशुपाल सिंह निम्बाडा
जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाडा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा:
“हम लोकतांत्रिक तरीके से पाली शहर की जनता की बुनियादी समस्याओं के समाधान हेतु स्वायत्त शासन मंत्री को ज्ञापन देने आए थे। लेकिन मंत्री जी सत्ता के अहंकार में इस कदर चूर हैं कि उन्हें प्रमुख विपक्षी दल के जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से मिलने तक की फुर्सत नहीं मिली। तीन घंटे तक हमारे कार्यकर्ता इस झुलसा देने वाली गर्मी में सड़क पर बैठे रहे।”

निमबाड़ा ने आगे कहा कि मंत्री खर्रा की हठधर्मिता के कारण उनके खुद के प्रभार वाले जिले में विकास कार्य पूरी तरह ठप्प हैं और पिछले दो वर्षों से नगरीय निकाय चुनाव लंबित पड़े हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 7 दिवस के भीतर पाली की जनसमस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो जिला कांग्रेस कमेटी 18 जून को उग्र आन्दोलन करेगी, जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार व प्रशासन की होगी।
ठप्प पड़े हैं विकास कार्य: हकीम भाई
पाली शहर ब्लॉक अध्यक्ष हकीम भाई सहित पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़ और महावीर सिंह सुकरलाई ने कहा कि बजट के अभाव में पाली नगर निगम की हालत बेहद दयनीय हो चुकी है। सड़कों पर गड्ढे हैं, सफाई व्यवस्था बेपटरी है और जनता त्रस्त है।
ज्ञापन में उठाई गईं पाली शहर की 12 प्रमुख समस्याएं:
सीवरेज की बदहाली: कई स्थानों पर मैन्युअल चेंबर ओवरफ्लो होने से सड़कों पर गंदगी पसरी है।
कमजोर ड्रेनेज सिस्टम: बारिश में बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं, सिंचाई विभाग की नहरों व नालों की सफाई की मांग की गई।
लड़खड़ाई पेयजल आपूर्ति: 24 घंटे पानी के दावों के उलट जनता को 72 घंटे (3 दिन) में भी पानी नहीं मिल पा रहा।
अघोषित बिजली कटौती: इस प्रचंड गर्मी में अकारण हो रही बिजली कटौती से आमजन बेहाल हैं।
नगर निगम में अटकी फाइलें: पट्टों, हस्तांतरण, और भवन निर्माण स्वीकृति के लिए जनता परेशान है।
अटकी वित्तीय स्वीकृति: ड्रेनेज को मजबूत करने का प्रोजेक्ट राज्य सरकार के पास वित्तीय मंजूरी के लिए लंबित है।
सफाई कर्मियों की भर्ती: पाली सहित पूरे प्रदेश में तत्काल सफाई कर्मचारियों की भर्ती निकालने की मांग।
वीरान सार्वजनिक उद्यान: बजट और रखरखाव के अभाव में शहर के पार्क उजाड़ हो चुके हैं।
नगर निगम का खाली खजाना: बजट की कमी के कारण शहर के सभी विकास कार्य ठप्प हैं।
निकाय चुनाव कराने की मांग: नवंबर 2024 में बोर्ड का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी चुनाव नहीं हुए। पार्षदों के हस्ताक्षर न होने से जनता के मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र और पेंशन जैसे काम अटक गए हैं।
खस्ताहाल सड़कें: सड़कों पर गड्ढों की भरमार है और प्रशासन खजाना खाली होने का रोना रो रहा है।
क्षतिग्रस्त नाले व नालियां: मरम्मत और क्रॉस निर्माण के काम पूरी तरह बंद हैं।
उपस्थिति: इस प्रदर्शन के दौरान मदनसिंह जागरवाल, जोगाराम सोलंकी, सुमित्रा जैन, प्रकाश सांखला, जीवराज बोराणा, मेहबूब टी, भंवर राव, प्रकाश सीरवी, गोविंद बंजारा, यशपालसिंह कुम्पावत, राजेन्द्र सिंह जाखोड़ा सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व वार्ड अध्यक्ष मौजूद रहे।


