पाली। पोक्सो कोर्ट संख्या-1 ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के संवेदनशील मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए 21 वर्षीय आरोपी धर्मेंद्र उर्फ धर्मेश को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश निहालचंद ने 6 दिसंबर को दोनों पक्षों की बहस और गवाहों के बयान सुनने के बाद यह फैसला सुनाया।
वशिष्ठ लोक अभियोजक उपमा रावल ने बताया कि पीड़िता द्वारा 2 मई 2025 को जेतपुर थाने में मामला दर्ज करवाया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार 30 अप्रैल को शादी समारोह से लौटते समय दो युवकों ने गाड़ी से उतरकर नाबालिग के चेहरे पर रूमाल रखा और जबरन उसे गाड़ी में बैठाकर ले गए।
होश आने पर उसके चेहरे और शरीर पर चोट के निशान थे। इसी दौरान एक आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में उसे एक क्लिनिक ले जाकर इंजेक्शन दिया गया और दूसरी गाड़ी में डालकर उसके गांव के पास छोड़कर धमकाकर फरार हो गए।
पीड़िता ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी प्रदेश से बाहर रह रही अपनी मां को दी। मां के वापस आने पर जेतपुर थाने में FIR दर्ज करवाई गई। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजा गया।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को नाबालिग का अपहरण और दुष्कर्म का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।


