राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छा गए हैं और अनेक जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई है। नागौर जिले में मंगलवार को तेज बारिश के साथ ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। वहीं प्रदेश के पांच जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जबकि आज 25 जिलों के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।

नागौर में बदला मौसम, फसलों को नुकसान की आशंका..
नागौर जिले में दोपहर बाद मौसम ने अचानक रुख बदला। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई और कई इलाकों में ओले भी गिरे। ओलावृष्टि से सरसों, जीरा और गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ देर के लिए सड़कों पर सफेद चादर सी बिछ गई। किसानों ने प्रशासन से मौके पर सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
5 जिलों में बारिश, तेज हवाओं से बढ़ी ठंडक…
मौसम परिवर्तन के चलते प्रदेश के पांच जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। कई स्थानों पर 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जिससे तापमान में गिरावट आई और ठंडक बढ़ गई।
18 फरवरी तक रहेगा असर, 25 जिलों में अलर्ट
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार राज्य में मौसम परिवर्तन का यह दौर 18 फरवरी तक जारी रहेगा।
बिकानेर, जयपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग के कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। बुधवार को 25 जिलों में बदले मौसम का असर देखने को मिल सकता है। कहीं-कहीं मेघगर्जना, तेज हवा और ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है। India Meteorological Department ने किसानों और आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी है।
तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट…
बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। रात के तापमान में भी हल्की कमी आने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 48 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे।
किसानों के लिए सलाह
फसलों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक उपाय करें।
खुले में रखी उपज को ढककर रखें।
तेज हवा और बारिश के दौरान खेतों में अनावश्यक गतिविधियों से बचें।
कुल मिलाकर, राजस्थान में बदले मौसम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि फरवरी के महीने में भी प्रकृति कभी भी रंग बदल सकती है। प्रशासन और मौसम विभाग की निगरानी लगातार जारी है।


