सोजत। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले तथा दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार शाम सोजत में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने मशाल जुलूस निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
जैतारणिया गेट से शुरू हुआ मशाल जुलूस मुख्य बाजार से होते हुए महावीर सर्किल पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद सभी कार्यकर्ता उपखंड कार्यालय पहुंचे और करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
नेताओं ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर हो रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की।
इस दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की भी निंदा की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है और उनकी आवाज को बलपूर्वक दबाने के बजाय संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाना चाहिए।
प्रदर्शन में महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष ऐश्वर्या सांखला, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राजेंद्रसिंह जाखोड़ा, नगर कांग्रेस अध्यक्ष सत्यनारायण टॉक, एनएसयूआई नगर अध्यक्ष राहुल राठौड़, कांग्रेस नेता गोविंद दवे खोखरा, पुनीत दवे, महेंद्र पालरिया, पार्षद बालमुकुंद गहलोत, जमील उर रहमान, इंदिरा पंवार, पार्षद मोहनलाल सीरवी, सेवादल अध्यक्ष असलम मेहर, इरशाद सिलावट, अर्जुन कुमार गहलोत, मनीष भाटी, गोविंद चारण, छात्र नेता दिवेश सामरिया, अभिजीत गहलोत, खुशबू चौहान, निकिता, शहजाद खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस एवं एनएसयूआई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

