जयपुर/पाली । पाली के पूर्व नगर परिषद सभापति राकेश भाटी के कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के बाद अब उनके बयानों ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज कर दी हैं। जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें अपनी पुरानी पार्टी में लगातार मान-सम्मान नहीं मिल रहा था, जिसके चलते उन्हें यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।
राकेश भाटी के इस बयान को राजनीतिक जानकारों द्वारा उनके पुराने राजनीतिक दल के भीतर चल रही अंदरूनी कलह और घुटन का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के माहौल में काम करना मुश्किल हो रहा था, और अब कांग्रेस पार्टी में उन्हें जो स्वागत और सम्मान मिला है, उससे वे पूरी ऊर्जा के साथ संगठन को मजबूत करने में जुटेंगे।
शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में खुला मंच
जिस वक्त राकेश भाटी ने यह बयान दिया, उस दौरान प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पार्टी के कई दिग्गज नेता मौजूद थे। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, विधायक भीमराज भाटी, जिला अध्यक्ष शिशुपाल सिंह निंबाड़ा और पाली प्रभारी हेम सिंह शेखावत की मौजूदगी में हुए इस राजनीतिक घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस अब ऐसे तमाम नाराज और जमीनी नेताओं को अपने पाले में लाने के लिए पूरी तरह गंभीर है।
पाली की राजनीति पर असर
पूर्व सभापति द्वारा सम्मान न मिलने का खुलकर आरोप लगाने और कांग्रेस का दामन थामने से पाली जिले की राजनीति में नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं। इस फेरबदल से स्थानीय स्तर पर सियासी पारा चढ़ गया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में रहने की पूरी संभावना है।


