गुडाबीजा। गुडाबीजा सहित आसपास के गांवों में सोमवार को सुहाग का पावन पर्व सातुड़ी तीज श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। सातुड़ी तीज को कजली तीज अथवा बड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है। पर्व को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और गांवों में घर-घर भक्तिमय माहौल बना रहा।
अखंड सुहाग और पति की लंबी उम्र की कामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने दिनभर निर्जला व्रत रखा। शाम को महिलाओं ने विधि-विधान के साथ तीज माता की पूजा-अर्चना की। इसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित कर पति का दीदार किया। महिलाओं ने घर के बड़े-बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और इसके बाद व्रत का पारणा किया।
पर्व के दौरान महिलाओं ने तीज माता के पारंपरिक गीत गाकर सदियों पुरानी लोक परंपरा को जीवंत बनाए रखा। गांवों में पूजा-अर्चना और मंगल गीतों की गूंज से वातावरण भक्तिमय नजर आया।
इससे एक दिन पूर्व रविवार को तीज का सिंजारा भी उत्साह के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने हाथों में मेहंदी रचाई और पारंपरिक परिधानों व शृंगार के साथ तीज पर्व की तैयारियां कीं।
गुडाबीजा सहित आसपास के गांवों में सातुड़ी तीज का पर्व श्रद्धा, परंपरा और सुहाग की मंगलकामनाओं के साथ हर्षोल्लास से संपन्न हुआ।


