सोजत। मानव सेवा संस्थान बैतुलमाल एवं नूरानी कमेटी के सौजन्य से भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने डॉ. कलाम के जीवन, संघर्ष, वैज्ञानिक उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
वक्ताओं ने कहा कि ‘मिसाइल मैन’ के नाम से प्रसिद्ध डॉ. कलाम का जीवन देश के युवाओं, विद्यार्थियों और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपने जीवन से साबित किया कि दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम, अनुशासन और शिक्षा के बल पर व्यक्ति सफलता की नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का सपना भारत को वैज्ञानिक दृष्टि से सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाना था। वे चाहते थे कि देश का प्रत्येक बच्चा बेहतर शिक्षा प्राप्त करे और अपनी प्रतिभा के बल पर राष्ट्र की प्रगति में योगदान दे। विज्ञान, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा। उनके विचार आज भी युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में औकाफ कमेटी के सचिव एम. यासीन छीपा, समाजसेवी बाबू खां मेहर, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रशीद गौरी, बैतुलमाल अध्यक्ष अय्यूब छीपा जनरल, असलम खरादी एवं रजा मेहर सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शाहबाज खान ने किया।

