सोजत। “अनुशासन ही जीवन है और जहां शिक्षा होती है, वहां कोई बच्चा असुरक्षित नहीं होना चाहिए।” इसी संदेश के साथ राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पाली के निर्देशानुसार श्री जैन गौतम आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, सोजत में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सुरक्षा, स्वच्छता, निःशुल्क शिक्षा के अधिकार तथा अपनी समस्याओं के प्रति जागरूक रहकर आवाज उठाने की जानकारी दी गई।
बच्चों को बताए सुरक्षा और कानूनी अधिकार…
सोजत तालुका विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्रीमती रेखा रानी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा और सम्मान पाने का अधिकार है। उन्होंने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, किसी भी समस्या या असुरक्षा की स्थिति में आवाज उठाने तथा अपनी सुरक्षा के लिए मजबूती से खड़े रहने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने सुरक्षित स्थान, स्वच्छता और निःशुल्क शिक्षा के अधिकार सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
‘कोर्ट वाली दीदी’ के नाम से रखी शिकायत पेटिका…
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण विद्यालय में ‘कोर्ट वाली दीदी’ के नाम से सुझाव एवं शिकायत पेटिका की स्थापना रहा। इसके माध्यम से छात्र-छात्राएं एवं महिलाएं अपनी शिकायतें और सुझाव लिखित रूप में प्रस्तुत कर सकेंगी। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं महिलाओं को अपनी समस्याएं सामने रखने के लिए एक माध्यम उपलब्ध करवाना तथा सुरक्षा एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
मां सरस्वती की वंदना से हुआ शुभारंभ…
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवीण शर्मा सहित विद्यालय परिवार ने अतिथियों का स्वागत एवं सत्कार किया। कार्यक्रम का संचालन सांवल प्रभात व्यास ने किया।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बाबूलाल बोहरा, सदस्य महेन्द्र कुमार मेहता, कोषाध्यक्ष गजेन्द्र जैन, विद्यालय स्टाफ के नरेश बोराणा, महेन्द्र सिंघाड़िया, दीपक देवड़ा, रिंकु मेवाड़ा, निर्मला टॉक, रेखा कुमारी, ऊषा शिवानी गेहलोत, मंजुलता व्यास, दीपेन्द्र कौर, वर्षा सुमन एवं रामचंद्र सहित न्यायालय कर्मचारी मुकेश जांगिड़, दुलीचंद कुमावत, अशोक राव और सुनील मौजूद रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को कानून, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए सुरक्षित एवं भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण के महत्व पर जोर दिया गया।


