सोजत। नगर में आवारा भटक रहे बेसहारा गौवंश नागरिकों के लिए गंभीर समस्या बने हुए हैं। आए दिन इनकी चपेट में आकर बच्चे, गृहणियां और बुजुर्ग चोटिल हो रहे हैं। स्थिति यह है कि कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला जा सका है।
गली-मोहल्लों में बढ़ी दिक्कतें
नगर के धोलीवाड़ी, कोट का मोहल्ला, चांदपोल, बस स्टैंड, पाली दरवाजा और दिल्ली दरवाजा क्षेत्रों में इनका जमावड़ा सबसे अधिक देखा जाता है। आए दिन गाएं और सांड आपस में भिड़ जाते हैं जिससे वहां से गुजरने वाले वाहन चालक, राहगीर, महिलाएं, बुजुर्ग और स्कूली छात्र चोटिल हो जाते हैं। नागरिकों का कहना है कि गली-मोहल्लों से निकलना तक मुश्किल हो गया है।
प्रशासन पर सवाल
नगर में लगातार हो रही दुर्घटनाओं को लेकर आमजन में भारी आक्रोश है। जिला कलेक्टर लक्ष्मीनारायण मंत्री द्वारा आश्वासन दिए जाने के बावजूद नगर में गौवंश के स्वच्छंद विचरण पर रोक नहीं लग पाई है। इससे लोगों का प्रशासन की कार्यशैली पर से भरोसा उठता जा रहा है।
जिम्मेदारों की राय
डा. आनंद भाटी (पूर्व अध्यक्ष, बार एसोसिएशन) ने कहा कि नगर पालिका प्रशासन महज खानापूर्ति कर रहा है। जिला कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों के आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
ऐश्वर्या राजेश सांखला (महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष) का कहना है कि नगर में बेसहारा गौवंश को लेकर कोई प्रभावी कार्ययोजना नहीं है। इनकी लड़ाई में न केवल लोग चोटिल हो रहे हैं बल्कि वाहन और दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। अब ठोस कार्रवाई जरूरी है।
आमजन की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से शीघ्र ठोस कदम उठाने और नगर से बेसहारा गौवंश को मौहल्लों कि गलियो से हटा कर किसी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए ताकी गौ वंश भी सुरक्षित रहे और आम जन को भी कोई परेशानी ना हो एंव आए दिन हो रही दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।


