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पैडल वॉशिंग मशीन से महिलाएं करेंगी व्यायाम, छोटे किसान कम खर्च में कर सकेंगे खेती।

बड़ागांव (झुंझुनूं)। दोरासर स्थित एजिस इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित दो दिवसीय इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी का समापन गुरुवार को हुआ। इस प्रदर्शनी में बाल वैज्ञानिकों ने समाज की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई नवाचार मॉडल प्रस्तुत किए। महिला सुरक्षा, किसानों की सुविधा और दिव्यांगों की सहायता जैसे विषयों पर बनाए गए इन मॉडलों में से 11 विद्यार्थियों के मॉडल का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया।

महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गुड़ा पौंख की छात्रा अनामिका सैनी ने पैडल संचालित वॉशिंग मशीन का मॉडल पेश किया। यह मशीन बिना बिजली के चल सकती है। पैडल से मशीन चलाने पर महिलाएं कपड़े धोते हुए व्यायाम भी कर सकेंगी। इसे हाथ या पैरों से आसानी से चलाया जा सकता है। यह नवाचार ग्रामीण व बिना बिजली वाले क्षेत्रों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।

राउमा विद्यालय बुडाना के छात्र धर्मेंद्र ने महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आत्मरक्षा पेन तैयार किया। इस पेन में कैमरा, इलेक्ट्रिक शॉक, टॉर्च लाइट, मिर्च स्प्रे, जीपीएस और अलार्म जैसे फीचर शामिल हैं। यह उपकरण महिलाओं को संकट के समय अपनी सुरक्षा करने में मदद करेगा।

वहीं राउमा विद्यालय चुड़ैला की छात्रा वंदना जांगिड़ ने छोटे किसानों के लिए बहुउद्देशीय कृषि मशीन बनाई है। इस मशीन से किसान बिना ट्रैक्टर के निनाण, फाड़ लगाने और बिजाई जैसे कार्य कम खर्च में कर सकेंगे। इसे बिजली या छोटे जनरेटर से भी चलाया जा सकता है और रखरखाव के लिए बहुत कम जगह की आवश्यकता होती है। खास बात यह है कि किसान इसे घर पर ही रिपेयर कर सकते हैं, किसी मिस्त्री की जरूरत नहीं।

समापन समारोह में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार हलवान मुख्य अतिथि रहे।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना को बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल के चेयरमैन इंजीनियर अमरसिंह नैण ने की। इस अवसर पर संयोजक प्रीतम सिंह, राकेश ढाका और दिनेश कुल्हरी विशिष्ट अतिथि रहे। चयनित छात्र-छात्राओं को अतिथियों ने प्रशस्ति पत्र व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।

प्रदर्शनी में जिलेभर के 319 विद्यार्थियों ने अपने मॉडल प्रस्तुत किए।

इनमें चयनित मॉडलों में शामिल हैं —

महात्मा गांधी राउमावि घोड़ीवारा के गौतम का हैंडल फ्री अंब्रेला,

राउमावि नालपुर की सोनिया का तापमान नियंत्रक पॉट,

बबीता का स्पर्श रहित परीक्षक,

मुस्कान की बॉबीन पर धागा भरने की मशीन,

सत्यम यादव की कृषि भूमि बाड़ लगाने की मशीन,

मयंक का कार के नीचे सफाई करने वाला स्प्रे,

प्रिंस जांगिड़ की छतरी के साथ स्ट्रीट लैंप,

हिमांशु का सड़क सुरक्षा मॉडल,

तथा धर्मेंद्र का महिला आत्मरक्षा पेन।

इन सभी मॉडलों ने नवाचार की दिशा में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक दृष्टि और सामाजिक जागरूकता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

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