जयपुर। बिहार की तर्ज पर अब राजस्थान में भी वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) किया जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसकी औपचारिक घोषणा की है। इसके तहत प्रदेश की सभी 200 विधानसभा सीटों के हर बूथ पर मतदाता सूची की गहन जांच होगी और हर वोटर का दोबारा सत्यापन किया जाएगा।
चुनाव आयोग के निर्देश के बाद संबंधित अफसरों—
कलेक्टर, एसडीएम, एडीएम, तहसीलदार और बीएलओ की ट्रेनिंग पूरी कर ली गई है। अब आज रात 12 बजे से मतदाता सूची फ्रीज हो जाएगी, जिसके बाद बीएलओ घर-घर जाकर फॉर्म बांटेंगे। प्रत्येक बीएलओ एक घर पर तीन बार जाकर जानकारी एकत्र करेगा।
राजस्थान में इस समय 5 करोड़ 48 लाख 85 हजार मतदाता, 52,490 पोलिंग बूथ और 97,873 पोलिंग पार्टी एजेंट हैं।
क्यों हो रहा है स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)
चुनाव आयोग अब तक आठ बार SIR करवा चुका है, पिछली बार यह 2003-04 में हुआ था।
करीब 22 साल बाद दोबारा यह प्रक्रिया शुरू की जा रही है ताकि वोटर लिस्ट को सटीक और त्रुटिरहित बनाया जा सके।
इस दौरान यह जांच की जाएगी कि—
कोई व्यक्ति एक से अधिक जगह वोटर तो नहीं है।
कोई फर्जी या मृत मतदाता लिस्ट में शामिल तो नहीं है।
2003-04 की लिस्ट से मिलान कर परिवार के नामों की पुष्टि की जाएगी।
संदिग्ध पाए जाने पर संबंधित लोगों से दस्तावेज मांगे जाएंगे। बिहार की तरह राजस्थान में भी 11 दस्तावेज मान्य होंगे।
नए वोटरों के लिए डिक्लेरेशन फॉर्म अनिवार्य
जो लोग नए वोटर बनना चाहते हैं या दूसरे राज्य से शिफ्ट होकर आए हैं, उन्हें जन्मतिथि के आधार पर दस्तावेज देने होंगे—
1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे: अपना जन्म प्रमाण देना होगा।
1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे: माता-पिता के जन्म या नागरिकता के दस्तावेज भी दिखाने होंगे।
2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे: यह साबित करना होगा कि माता-पिता में कम-से-कम एक भारतीय नागरिक है और दूसरा गैर-कानूनी प्रवासी नहीं है।
पहले चरण में दस्तावेज नहीं देने होंगे
मुख्य चुनाव आयुक्त के अनुसार, पहले चरण (एन्यूमरेशन फेज) में किसी तरह के दस्तावेज जमा नहीं करने होंगे। इस चरण में बीएलओ केवल घर-घर जाकर फॉर्म वितरित करेंगे और प्राथमिक जानकारी लेंगे।
इसके बाद जब मिलान प्रक्रिया होगी, तब ही संदिग्ध मामलों में दस्तावेज मांगे जाएंगे।
राजस्थान में अब हर वोटर की पहचान और वैधता की गहन जांच होगी। यह कदम मतदाता सूची को पारदर्शी, सटीक और विश्वसनीय बनाने की दिशा में बड़ा सुधार माना जा रहा है।

