*सोशल स्टोरी RJ22 News की खास रिपोर्ट*

पाली जिला मुख्यालय पर आज हिंदुस्तान की घुम्मकड़ जाति के मोसम अली बाज़ीगर पुत्र करमदीन बाज़ीगर निवासी हरियाणा जिला करनाल के उचाना गांव के जो मदारी उप जाति से भी पहचाने जाते हैं।

बाजीगर/ मदारी /फकीर इनका मुख्य रोजगार पहले जादू दिखा कर लोगों से नज़र बंदी ओर टोटके के नाम पर ताबीज़ बेचना ओर रीछ/भालू के नाखूनों को बेचना होता था।

फिर समय के बदलाव के साथ साथ यह अब नग नगीनें बेंचने के साथ साथ स्कूलों में जादू को मैजिक शो का नाम देकर रोजगार पा रहें हैं।मदारी मोसम अली ने बताया कि इनके बड़े बेटे अफ़जल खान बाज़ीगर अभी 7 देशों की यात्रा कर हिंदुस्तान आए हैं उन्होंने अमेरिका के न्यूयॉर्क में जादू शो कर हिंदुस्तान की संस्कृति को जीवंत किया है।
ओर उत्तर प्रदेश पंजाब गुजरात महाराष्ट्र सहित कई प्रदेशों में अपना हुनर दिखा कर रोज़गार कमा रहे हैं।
मोसम अली मदारी ने बताया कि अलग अलग राज्यों में हमें कही फकीर तो कही मदारी के नाम से भी बुलाया जाता है।ओर हरियाणा में हमें बाज़ीगर कहा जाता है।

क्रैन्र्द सरकार व राज्य सरकार से इनके पुनः वास ओर स्थाई रोजगार की व्यवस्था करने की मांग भी काफी समय से की जा रही है।वैसे यह जातियां भारत में घुम्मकड़ जाति के रूप में बरसों से घुम घुमकर कर डेरे लगाकर अपना जीवन जीतें है।
गाडोलिया लोहार मिरासी ओर बादी जनजाति भी इसी तरह अपना जीवन व्यतीत करतें हैं।
जिससे इन घुम्मकड़ जाति में शिक्षा का भारी आभाव है।ओर आज के आधुनिक युग के दौर भी यह पुराने रुढ़िवादी संस्कृति में जी रहे हैं।
*RJ22 News Pali
चीफ़ एडीटर सैय्यद फैयाज बुखारी*****

