पाली। शहर में युवक जितेंद्र मेघवाल की हत्या के आरोपियों का मंगलवार को पुलिस ने ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस निकाला। यह नजारा देख शहरवासी दंग रह गए। आरोपियों के कपड़ों पर “हार्डकोर हिस्ट्रीशीटर” लिखा था और वे पूरे रास्ते हाथ जोड़ते हुए, लंगड़ाते हुए चल रहे थे।

इस दौरान भीड़ में मौजूद एक महिला ने गुस्से में आरोपियों को थप्पड़ मारने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसे रोक लिया। महिला बार-बार आगे बढ़ने की कोशिश करती रही, मगर पुलिस ने समझाइश कर उसे दूर किया।
कोर्ट तक पैदल निकाला जुलूस
मंगलवार सुबह पुलिस ने तीन आरोपियों — महेंद्र सिंह, प्रकाश और धीरज — को कोर्ट में पेश करना था। इससे पहले इन्हें अम्बेडकर सर्किल से कोर्ट तक ढोल के साथ पैदल जुलूस में ले जाया गया। रास्तेभर पुलिस इन तीनों को घेरे रही और ढोल की थाप पर लोग आरोपियों को देख इकट्ठा होते गए।
हत्या के बाद गिरफ्तारी
सीओ सिटी राजेंद्र उज्जवल ने बताया कि महेंद्र सिंह और प्रकाश को 26 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था, जबकि धीरज को 27 अक्टूबर को पकड़ा गया। चौथा आरोपी बजरंग अभी फरार है।

24 अक्टूबर को हुआ था हमला, 26 को हुई थी मौत
24 अक्टूबर की रात पाली के औद्योगिक थाना क्षेत्र के अम्बेडकर नगर निवासी 32 वर्षीय जितेंद्र मेघवाल पर चार लोगों ने चाकू से हमला किया था। उसके पेट में कई वार किए गए थे। हालत गंभीर होने पर उसे जोधपुर रेफर किया गया, जहां 26 अक्टूबर (रविवार) को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस का संदेश – “अपराधियों को नहीं बख्शा जाएगा”
एसपी आदर्श सिंधु ने बताया कि जुलूस का उद्देश्य समाज में यह संदेश देना था कि अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा,
“हम चाहते हैं कि लोग देखें कि अपराध का अंजाम क्या होता है। ताकि समाज में डर और कानून का सम्मान दोनों कायम रहे।”
शहरवासियों ने की पुलिस कार्रवाई की सराहना
पाली के लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की तारीफ की और कहा कि जितेंद्र मेघवाल की हत्या ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। सभी ने मांग की कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
अहमदाबाद में करता था सिलाई का काम
जानकारी के अनुसार, मृतक जितेंद्र मेघवाल अहमदाबाद में सिलाई कार्य करता था। दीपावली मनाने के लिए वह कुछ दिनों के लिए अपने घर पाली आया था, तभी यह दर्दनाक वारदात हो गई।

