पाली।सूर्य देव की उपासना का महापर्व छठ सोमवार शाम को चरम पर रहा। पाली शहर के ऐतिहासिक लखोटिया तालाब के बिहारी घाट पर बड़ी संख्या में व्रती महिलाएं आस्था के रंग में डूबी नजर आईं। तालाब के शीतल जल में खड़ी महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और परिवार की खुशहाली, समृद्धि तथा पति की दीर्घायु की कामना की।

व्रती महिलाओं ने पारंपरिक परिधान धारण कर नाक से लेकर सिर तक सिंदूर लगाया। बांस की टोकरी में फल, फूल, गन्ना, मूली, कंदमूल, टेकुआ, चावल के लड्डू, दीपक और सूप सजाकर उन्होंने सूर्य देव की पूजा की। दूध और जल से अर्घ्य अर्पित करने के बाद व्रतिनें अपने घरों की ओर लौटीं।

पूजन के बाद दीपों और रंगोलियों से सजा घाट
बिहारी घाट को दीपकों की आकर्षक रोशनी से सजाया गया। साथ ही बिहारी समाज की युवतियों ने लखोटिया परिसर में जगह-जगह सुंदर रंगोलियां बनाईं। इन रंगोलियों के बीच युवा और बच्चे सेल्फी लेते नजर आए।
कई व्रती महिलाएं पूरी रात घाट पर रहकर प्रभात अर्घ्य की तैयारी करती रहीं। मंगलवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिवसीय छठ महापर्व का विधिवत समापन होगा।
पाली शहर के लखोटिया तालाब के बिहारी घाट पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देती व्रती महिलाएं, वातावरण में गूंजे छठ गीत और आस्था का उल्लास।


