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सोजत प्राकृतिक मेहंदी का अतीत और भविष्य, प्राकृतिक मेहंदी के उत्पादक प्रेरणता।

संकलनकर्ता- एडवोकेट आनंद भाटी।

सोजत। उपखण्ड की भूमि की विशेषता आज से नहीं सेकड़ो वर्षों से यह रही हे कि यहाँ कि मिट्टी व कृषि भूमि कम बरसात होते हुवे भी जल स्रोतों की कमी होते हुवे भी पूर्वजों के समय से मेहंदी की फसल से अपना व अपने परिवार तथा क्षेत्र के लोगो का जीविकोपार्जन का मुख्य आधार मेहंदी की खेती ही रहा हे।मेहंदी का उपयोग वैदिक काल से सुहाग के प्रतीक के रूप में महिलाओं के शादी विवाह, तीज त्यौहार, पावन उत्सव के साथ ही शरीर की सुंदरता के लिए ही नहीं प्राकृतिक चिकित्सा के रूप में जड़ी बूटी के रूप में काम में लिया जाता रहा है।

जहाँ उस समय बिजली भी उपलब्ध नहीं थी तब भी सोजत की मेहंदी ने अपनी साख व प्रतिष्ठा सम्पूर्ण हिन्दुस्थान में एक अच्छी व नेचुरल मेहंदी के रूप में बना रखी थी, आज भी सोजत की मेहंदी का नाम विदेशों तक हे तथा सोजत की मेहंदी से विदेशी मुद्रा का अर्जन किया जा रहा हे। सोजत तहसील में लगभग 90000 हैक्टर कृषि भूमि हे जिसमे से 23144 हैक्टर कृषि भूमि में मेहंदी की फसल हे। इतना ही नहीं सोजत तहसील के चपते ही मारवाड़ जंक्शन तहसील, ओलवी, मेड़ता तक मेहंदी की फसले होने लग गई हे। खासियत यह हे कि मेहंदी की फसल को जीवन में एक बार ही बुवाई की जाती है, लेकिन बगीचों की मेहंदी इसमें नहीं आती हे, साथ ही सिचाई करने पर मेहंदी की ग्रेविटी कमजोर रहती हे बरसात का पानी अर्थात सावणु फसल का रंग अधिक रचने वाला होता है।

मेहंदी के निदान, कटिंग के लिए सोजत के पुरुष व महिलाए माहिर हे लेकिन अब तो यूपी, बिहार, कोटपुतली, बहरोड़ से भी मजदूर अस्थाई आने लग गए हे और जीविकोपार्जन कर वापस चले जाते हे फिर भी इनकी उस समय की मजदूरी 2000 रुपए प्रति दिन की कुछ दिनों के लिए हो जाती हे मेहंदी कटिंग की छोटी मशीने भी किराए पर काम में लेने लगे हे फिर भी सोजत के किसान कर्ज में डूबे हुवे हे उनको मेहंदी का पूरा मूल्य नहीं मिल पाता।

असली मेहंदी का अतीत का संघर्ष

सोजत के मेहंदी उत्पादकों व व्यापारियों के सामने आजादी के बाद ही एक कठिन प्रतिस्पर्धा उस समय शुरू हो गई थी जब फरीदाबाद के व्यापारियों ने कम भाव की मेहंदी उपभोक्ताओ के लिए बेचना शुरू कर दिया फिर भी वे प्राकृतिक मेहंदी के रूप में सोजत के मुकाबले नहीं थी और कम रंग की आवली व नीमच की मेहंदी ने भी सोजत की नेचुरल मेहंदी से संघर्ष कर दिया।

मेहंदी रत्न स्व.श्री सूरजमल जी भाटी

उस समय बाजार में सोजत के व्यापारियो में संघर्ष की शक्ति में जान फूकने का काम सबसे पहले सन् 1950 में किराणा की दुकान छोड़ कर घरेलू चकियों से मेहंदी पाऊडर बनाकर मेसर्स सूरज मेहंदी के नाम से कमल छाप मेहंदी का उत्पादन शुरू किया ,बिजली नहीं थी इंजन से पिसाई शुरू की बाद में बिजली आने पर एमरी स्टोन की चकिया, पुलवराइजर मशीन लगाकर भारत में सोजत के मेहंदी की साख को बरकरार रखा आज भी असली मेहंदी नेचुरल मेहंदी का काम सूरजमल ताराचंद फर्म के नाम से चल रहा है।

भौगोलिक उप दर्शन रजिस्ट्री से सोजत की मेहंदी का जी.आई.टैग प्राप्त करने के लिए श्रीमती सिद्धकंवर भाटी ने ही सन् 1950 का मेहंदी बिल बाउचर व शपथपत्र पेश किया था तत्कालीन सरकार ने मेहंदी पर परचेज टैक्स लगा दिया तब भी इन्होंने मेसर्स सूरजमल ताराचंद बनाम कॉमर्शियल टैक्स ऑफिस के विरुद्ध रेवेन्यू बोर्ड में निगरानी संख्या 40/79/पाली पेश कर दिनाक 29/4/84 को महत्वपूर्ण फैसले में टैक्स माफ का आदेश करवाया जो रिपोर्टेबल नजीर हे।

मेहंदी रत्न स्व. श्री जी. चम्पालाल जी सुराणा

इन्होंने सन् 1962 में गुलाब गोल्ड के नाम से असली नेचुरल मेहंदी पाऊडर का व्यापार शुरू किया जो आज भी चल रहा हे मेहंदी पाऊडर की गुणवता से इन्होंने कभी समझौता नहीं किया। सोजत की नेचुरल मेहंदी की साख बनाए रखने में इन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी जिसकी बदोलत मेहंदी की लोकप्रियता सोजत की ही रही, अन्यथा फरीदाबाद, नीमच हो जाता।गीतों में भी सोजत की मेहंदी ही गाया जाता हे।

मेहंदी रत्न स्व. श्री मोतीलाल जी लोढ़ा

इन्होंने किराणा व्यवसाय को छोड़ कर सन् 1976 में मेसर्स एम.एम.सोजत वाला के नाम से हथलेवा छाप मेहंदी पाऊडर का कारोबार शुरू किया जिन्होंने सबसे पहले मेहंदी को पाउच पैकिंग करना शुरू किया था। उसके बाद नेचुरल मेहंदी पाऊडर का व्यापार करने वालो में शिवप्रताप रामचंद्र मोदी जिन्होंने लक्ष्मी छाप मेहंदी, मेसर्स जे.संपतराज चोहान ने अपना जीवन सेल्टेक्स के मुंशी का काम करते करते डबल हाथी छाप मेहंदी तथा प्रमानन्द एण्ड कम्पनी ने किराणा व केरोसीन डीलर का काम करते करते ब्राईट हिना मेहंदी पाऊडर का व्यापार चालू किया जो अभी भी चालू हे इन संघर्षशील व्यापारियों ने सोजत की नेचुरल मेहंदी की साख बनाए रखी। स्व.श्री रामचंद्र जी टाक (काकू) , मोहनलाल जी टाक (MLT) ने फरीदाबाद के व्यापारियों को मेहंदी पता बेचने का आढ़त का काम शुरू किया पाऊडर का काम बाद में किया था।

सोजत में वर्तमान में ए ग्रेड की कृषि मंडी है पिछले वितीय वर्ष में कृषिमंडी शुल्क संग्रहण से 675 लाख की आय अर्जित हुई। मेहंदी ki फसल का कोई समर्थन मूल्य सरकार द्वारा निर्धारित नहीं किया जाता है काश्तकार कर्जे से डूब रहे हे उचित मूल्य नहीं मिल पाता । सरकारी रिकॉर्ड में मेहंदी जींस के रूप में हे लेकिन राजस्व रिकार्ड में जंगली पोधा ही हे इतना ही नहीं रेवेन्यू रिकार्ड खातेदारी में तो इसे मिट्टी के वर्गीकरण में इंद्राज होने से कोई लाभ नहीं मिल पाता, फसल बीमा योजना के जटिल प्रावधानों से केंद्र सरकार की फसल बीमा योजना से वंचित रह रहे हे।मेहंदी उत्पादक, किसान समिति के प्रतिनिधि विकास टाक के प्रयास ने भारत सरकार से दिनांक 14/10/2021 को जी.आई.टैग दिलवाने में सफलता हासिल की।

कृषि मंडी में ही दलाल एसोशियेशन भी बनी हुईं हे श्री ताराचंद टाक (जाखड़) ने बताया कि उसने भी अपनी सेवाये दी हे । कृषि विपणन बोर्ड के श्री राजेश चोहान से जानकारी ली तो बताया कि मोड़ भट्ठा से कृषिमंडी रोड के सौन्दर्यकरण के लिए विभाग ने 354 लाख की स्वीकृति पीडब्ल्यूडी एजेंसी को भेजा है शीघ्र कार्य शुरू होने की संभावना बताई साथ ही मंडी में ही मेहंदी की गुणवता जांच करने के लिए लैब के लिए 184 लाख की प्रसाशनिक व वितीय स्वीकृति जारी गत माह करवाई शीघ्र क्रियान्विति होगी।

सोजत एरिया में नए व्यापारियों के प्रवेश के साथ ही नेचुरल मेहंदी से मोह भंग होने लग गया है उपभोक्ता भी मेहंदी रचने का इंतजार नहीं करते इन परिस्थितियों में बाजार में मेहंदी कोन का प्रचलन बढ़ गया है। नेचुरल मेहंदी व हिना को सेंट्रल एक्साइज कमिश्नर दिल्ली ने दिनाक 6/11/1996 को जारी किए पत्र में मेहंदी हीना पाउडर को क्लासिफाइड किया हे लेकिन पालना नहीं हो रही हे। मेहंदी पर 5 प्रतिशत तथा मेहंदी कोन पर 18 प्रतिशत टैक्स लागू हे लेकिन अर्जित कितना होता हे राजनीतिक प्रतिनिधि खुलासा कर सकते हे। भौतिक युग में शीघ्र लाभ कमाने की योजना में काले बाल करने की डाई, नकली मेहंदी,केमिकल युक्त होते हुए भी मेहंदी के नाम से धड़ले से बाजार में हे जिसमे पैकिंग पर कंटेंस भी वर्णित नहीं हे इतना ही नहीं निषेधित केमिकल PICRAMIC ACID & PHENYLENEDIAMINE (PPD) जैसे खतरनाक केमिकल का उपयोग मेहंदी डाई,कोण में उत्पादक ले रहे हे कहाँ तक सही हे। इससे नेचुरल मेहंदी के काश्तकारों व व्यापारी व्यथित हे।

सोजत में मेहंदी व्यापार संघ समिति के चुनाव संपन्न हुए अध्यक्ष सुनीलकुमार गहलोत, उपाध्यक्ष प्रशांत टाक, सचिव श्यामसुंदर टाक, सह सचिव ओमप्रकाश तंवर, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण टाक निर्वाचित हुवे हे जिनको चुनाव संचालन समिति के विकास सांखला, नितिन राजपुरोहित, जगदीश सांखला ने चुनाव अधिकारी एडवोकेट मानवेन्द्र भाटी व एडवोकेट पवन सेन से निष्पक्ष चुनाव परिणाम घोषित कराये जिस पर लक्ष्मण गहलोत, राजेन्द्र चोहान, माणक चोहान, श्याम पंवार, विनोद लोढ़ा,भोमाराम गहलोत, हरिकृष्ण टाक ,सोहनलाल टाक, सत्यनारायण सांखला, रमेश कुमार, मनीष पालरिया, राकेश पंवार,पीयूष भाटी ने स्वागत कर किसानों, व्यापारियों, दलालो, हमालो के हितों की रक्षा करने व सोजत की मेहंदी की साख बनाये रखने तथा जी.आई.टेग का उपयोग करने की माँग की।

Akram Khan

Written by Akram Khan

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