मारवाड़ जंक्शन। क्षेत्र में बाल तस्करी, बाल विवाह, बालश्रम और बालक-बालिका सुरक्षा को लेकर एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। यह कार्यक्रम मारवाड़ जंक्शन के स्थानीय पुलिस थाने, आरपीएफ थाने और ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य रूप से नरेगा (NREGA) कार्यस्थलों पर आयोजित किया गया।

कानूनी प्रावधानों और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन’ (GSVS) के जिला समन्वयक अमन कुमार वैष्णव के निर्देशन में संस्था की काउंसलर खैरुनीसा ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने विस्तार से बताया कि बाल विवाह एक गंभीर कानूनी अपराध है और इसके समाज व बच्चों पर बेहद घातक दुष्परिणाम होते हैं। कार्यक्रम के दौरान नरेगा श्रमिकों और पुलिसकर्मियों को बाल विवाह न करने तथा इसे रोकने की शपथ दिलाई गई।

इसके साथ ही, बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कड़े कानून **पॉक्सो (POCSO) एक्ट** और बालश्रम के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। ग्रामीणों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे—**लाडो योजना, पालनहार योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना** के बारे में भी विस्तार से जागरूक किया गया।
पोस्टर विमोचन के साथ मुहीम को दी गति
जागरूकता अभियान के तहत पुलिस और आरपीएफ के थानाधिकारियों के साथ मिलकर बाल सुरक्षा से जुड़े विशेष पोस्टरों का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद:
> इस मौके पर मारवाड़ पुलिस थाने से देशराज जी मीणा, राकेश जी, महिला कांस्टेबल बसंती, आरपीएफ थाना अधिकारी मनोहरलाल जी, रामभरोसे मीणा जी, निशा चौहान, अधिवक्ता मोहम्मद हुसैन, नरेगा स्थल पर ग्राम रोजगार सहायक लक्ष्मणराम और GSVS से काउंसलर खैरुनीसा सहित कई गणमान्य लोग और ग्रामीण उपस्थित रहे।
